हल्द्वानी। कांग्रेस चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शौर्य के नाम पर वोट, सेना के हितों पर चोट बुकलेट जारी करते हुए भाजपा पर सेना के हितों को चोट पहुंचाने समेत कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सैनिकों के शौर्य पराक्रम को राजनीति में बांटने का काम कर रही है।
कांग्रेस स्वराज आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सेना में एक लाख 22 हजार 555 पद रिक्त हैं, जिनमें से 10 पद सैन्य अधिकारियों के हैं। 13 दिसंबर 2021 को रक्षा मंत्रालय ने संसद को यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन पर 30 लाख पूर्व सैनिकों को धोखा दिया गया है। 30 से 40 प्रतिशत सैनिकों से वन रैंक, वन पेंशन छीन ली गई। एक जुलाई 2014 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले सैन्य कर्मियों को वन रैंक वन पेंशन नहीं मिलेगी।
हरीश रावत ने कहा कि सैनिकों की वीरता का श्रेय देश को लेना चाहिए जबकि भाजपा खुद उसका श्रेय लेती है। हरीश ने कहा कि भाजपा ने एक भी स्वतंत्रता सेनानी नहीं दिया। कांग्रेस का स्वतंत्रता से सेनानियों से भरा इतिहास रहा है। उन्होंने खुद अपने दामाद को खोया लेकिन कभी श्रेय नहीं लिया क्योंकि वह हरीश रावत के लिए नहीं बल्कि देश के लिए मरे थे। हरीश रावत ने कहा कि आतंकवाद और पाकिस्तान अगर घबराता है तो केवल कांग्रेस से घबराता है।
सीएसडी कैंटीन को जीएसटी के दायरे में लाई भाजपा: हरीश
हल्द्वानी। हरीश रावत ने कहा कि देश के इतिहास में भाजपा ने पहली बार सीएसडी कैंटीन सामान खरीद में पाबंदियां लगाई हैं और कैंटीन को जीएसटी के दायरे में लाया गया है। जो सैनिक ड्यूटी में चोटिल होते हैं मोदी सरकार ने 2019 में उनकी पेंशन पर भी टैक्स लगा दिया। शार्ट सर्विस कमीशन सैन्य अधिकारियों को मिलिट्री अस्पताल में इलाज से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सैनिकों को सातवें वेतनमान का फायदा नहीं दिया गया। सैनिकों की सुविधाएं कम की गई है। पुनर्वास की सुविधाएं रोक दी गई हैं। अर्द्ध सैनिक बलों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सैनिकों के साथ किए गए इस अन्याय के खिलाफ कांग्रेस संघर्ष करेगी।