रामनगर। सावित्रीबाई फुले के 191 वें जन्मदिन पर महिला एकता मंच ने ग्राम वीरपुर लच्छी में आम सभा और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। 1 मई 2013 में खनन माफिया के हमले में घायल महिलाओं और ग्रामीणों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
महिला एकता मंच की संयोजक ललिता रावत ने कहा कि देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले का नाम देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने महिलाओं को शिक्षित करने तथा उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। सभा को किसान नेता धर्मपाल सिंह, प्रभात ध्यानी, मुनीष कुमार, ललित उपरेती, तनुजा, शाहिस्ता, इंद्रजीत सिंह आदि ने भी संबोधित किया। वहीं प्रगतिशील भोजन माता संगठन ने भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के जन्मदिवस की अवसर पर एक गोष्ठी आयोजित की। जिसमें ज्योतिबा फुले ने किस तरह अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षा देकर एक शिक्षिका बनाया और महिलाओं के जीवन के अंधकार को मिटाने का काम किया।
दूसरी ओर रचनात्मक शिक्षक मंडल उत्तराखंड की पहल पर स्थानीय लोगों के सहयोग से पूछड़ी में खुले स्कूल के परिसर का उद्घाटन डॉ. अर्चना कौशिक और मजदूर महिलाओं कमला रावत, डॉली देवी, गुंजन देवी, मीना देवी ने संयुक्त रूप से किया। शिक्षक मंडल के राज्य संयोजक नवेंदु मठपाल ने सभी का आभार जताया। इस दौरान ग्राम प्रधान ताहिर, सुमित कुमार, बालकृष्ण चन्द, सुभाष गोला, प्रताप सिंह रावत, आरजू, आरसी, अनीता देवी, अक्षय रावत, प्रकाश चंद जोशी, नसीम जहां, नाजमा, शकीना आदि थीं।