हल्द्वानी। बसंत पंचमी का पर्व दो फरवरी को मनाया जाएगा। बाजार में बसंत पंचमी से संबंधित पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन किया जाता है। इस अवसर पर बच्चों के मुंडन और जनेऊ संस्कार समेत शुभ कार्य करने की भी परंपरा है।
इस दिन पीले वस्त्र, रुमाल धारण किया जाता है। ज्योतिष डॉ. नवीन चंद्र जोशी और पंडित त्रिभुवन उप्रेती ने बताया कि बसंत ऋतु माघ मास का सबसे बड़ा पर्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। मां सरस्वती को पीला रंग पसंद है इसलिए इस दिन पीले वस्त्र और पीले फूल अर्पित किए जाते हैं। संवाद