हल्द्वानी। अगर आप सांस और अस्थमा के मरीज हैं तो फ्रिज में रखी ठंडी खाद्य सामग्री खाने से परहेज करें। साथ ही धूल, धुएं और ठंड से अपने को बचा के रखें। सांस और अस्थमा के रोगियों को डॉक्टर से समय-समय पर सलाह लेते रहना चाहिए और दवा भी बिना डाक्टर के परामर्श के नहीं बंद करनी चाहिए। दवा बंद करने से बीमारी के दोबारा होने की संभावना अधिक रहती है। वरिष्ठ सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव सिंघल ने शनिवार को अमर अजाला कार्यालय में मरीजों को फोन पर परामर्श दिया।
पुष्पा मेहरा, हल्द्वानी : अक्सर जुकाम और बुखार रहता है। दवा खाने से आराम नहीं होता।
आपको कुछ जांचें करा लेनी चाहिए। खून की जांच के साथ ही सीने और नाक का एक्सरे करा लें। पेड़ पौधे, पशु-पक्षी या कपड़ों से एलर्जी या अन्य किसी कारण से जुकाम हो सकता है। किसी डाक्टर से जरूर परामर्श लें।
शीतल, लालकुआं : इंहेलर बंद करने पर सांस की दिक्कत बढ़ जाती है।
सांस लेने में अगर दिक्कत हो रही है तो इंहेलर लेना बंद न करें। सांस लेने में तकलीफ, जुकाम और बुखार रहता है तो डॉक्टर से तत्काल संपर्क कर परामर्श लें।
संगीता बिष्ट : मेरी सास बचुली देवी को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
डाक्टर से सलाह लें। इंफेक्शन से बचें। डॉक्टर से इंहेलर लेने का तरीका समझ लेना चाहिए। साथ ही सीने का एक्सरे, कंप्यूटर से फेफड़ों की जांच करा लें। इसके अलावा ब्लड प्रेशर, शुगर, थायरायड और हृदय की भी जांच करा लें।
भुवनेश आर्या, पंगूट : मुझे सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
सांस की दवा बीच में बंद ने करें। दवा छोड़ने के कारण ही दिक्कत हो रही है। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद ही दवा बंद करें।
अनीता किरौला, हल्द्वानी: मुझे एलर्जी अधिक होती है।
एलर्जी के साथ आपको एक्सिमा है। एक्सिमा के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें। साथ ही एक्सिमा वाली जगह में बॉडी लोशन का अधिक प्रयोग करें।
बीना उनियाल, हल्द्वानी : मेरे हाथ में कुछ गांठें हो रही हैं।
कुछ गांठें खराब नहीं होती है। ऐसी गांठों का कोई नुकसान नहीं होता है। फिर भी एक बार किसी डॉक्टर से परामर्श लें।
दुर्गादत्त पांडे, हल्दूचौड़: मुझे सांस लेने में तकलीफ होती है।
फेफड़े का एक्सरे कराने के साथ ही कंप्यूटर से फेफड़ों की जांच कराएं। इंहेलर का प्रयोग लगातार करें। डाक्टर से तत्काल सलाह लें।
सीडी पांडे भीमताल: मौसम में बदलाव के कारण सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हो रही है।
ठंड, धूल और धुएं से बचें। इससे ही दिक्कत ज्यादा बढ़ रही है। सांस लेने में अगर ज्यादा तकलीफ है तो अपने डाक्टर से राय लें। हृदय, और सीने का एक्सरे कराने के साथ ही कंप्यूटर से फेफड़ों की जांच कराएं। गोपाल सिंह, ट्रांसपोर्ट नगर: खांसी आने के साथ ही सांस फूल रही है।
फेफड़ों की जांच करा लें। कहीं फेफड़े कमजोर तो नहीं हो गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टर से परामर्श लें।
डीडी तिवारी, हल्द्वानी: इन दिनों मुझे सांस लेने में ज्यादा समस्या हो रही है।
इंफेक्शन से बचने के लिए सितंबर और अक्तूबर के महीने में डॉक्टर के परामर्श के अनुसार टीकाकरण कराएं। अस्थमा मरीजों में दवा छोड़ने का नुकसान अधिक होता है। जबकि लंबे समय तक दवा लेने से फायदा अधिक और नुकसान न के बराबर होता है।
केएल शाह, पीलीकोठी: मेरे पोते को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
डॉक्टर से सलाह लेकर दवा शुरू कराएं। जब ठीक हो जाएं तो भी दवा लंबे समय तक डॉक्टर की सलाह के अनुरूप चलाएं। बराबर खांसी आ रही है और पसलियां चलती है तो डाक्टर के संपर्क में रहें।
इति बिष्ट, देवलचौड़: पांच वर्ष के बेटे को दवा छोड़ने पर अस्थमा की दिक्कत होती है।
बच्चे को अगर अस्थमा है तो बीच में दवा न छोड़े। दो महीने में अगर अस्थमा का अटैक पड़ रहा है तो बीमारी कंट्रोल नहीं हुई है। तीन से छह माह तक दवा चलानी पड़ती है। इंहेलर और न्यूबोलाइजर के साइड इफेक्ट कम हैं। कुत्ते और बिल्ली घर में न पालें।
बची राम, तीनपानी: पूछा कि सांस अधिक फूल रही है।
सीने का एक्सरे कराने के साथ ही कंप्यूटर से फेफड़ों की जांच कराएं। साथ ही सर्दियों में होने वाली एलर्जी से बचें और अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
ऐसा हो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें
= सांस अधिक फूल रही हो या सांस लेने में आवाज आ रही हो।
= खांसी आने के साथ ही बराबर जुकाम हो रहा हो।
= सीने में भारीपन लग रहा हो।
= सांस अधिक फूलने के कारण बेहोशी छाने जैसी स्थिति हो।