हल्द्वानी। अगर मुंह में त्वचा का रंग बदलना, बार-बार छाला होना, शौच में खून आना, शरीर में गांठ आदि दिख रही है, तो उसे नजरअंदाज न करें। यह कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के आंकड़े बता रहे हैं कि कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के विभागाध्यक्ष डॉ. केसी पांडे कहते हैं मुंह व फेफड़े का कैंसर, महिलाओं में ग्रीवा कैंसर, स्तन कैंसर के मामले ज्यादा आते हैं। अगर बीते सालों की बात करें तो रोगियों की संख्या बढ़ी है। यदि कैंसर का सही समय पर पता चल जाए तो इलाज से उसे नियंत्रित किया जा सकता है।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जलज गौड़ कहते हैं स्क्रीनिंग सबसे ज्यादा जरूरी है। व्यक्ति खुद स्क्रीनिंग करें मसलन कोई गांठ आदि तो नहीं दिख रही है फिर डॉक्टर से सलाह लें। इसके बाद मेमोग्राफी, कोलोनोस्कोपी आदि के जरिए बीमारी के बारे में पता किया जाता है। 40 साल की उम्र के बाद ज्यादा सजगता की जरूरत होती है।
15 तक सर्जरी होती
हल्द्वानी। मेडिकल कालेज के सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव सिह कहते हैं कि आंत के कैंसर, स्तन के कैंसर के मामले काफी आते हैं। अस्पताल में एक महीने में पंद्रह तक स्तन कैंसर से जुड़ी सर्जरी की जाती है। जहां पर बीमारी एडवांस स्टेज पर पहुंच चुकी होती है, वहां पर सर्जरी की जगह कीमोथेरेपी दी जाती है। अगर मुंह खुलने में दिक्कत आ रही है, पेट साफ नहीं हो रहा है, शौच में खून आ रहा है आदि लक्षण लगातार दिख रहे हैं तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी
हल्द्वानी। कैंसर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट में वर्ष-2010 में साल भर में 2879 कुल मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे, इनमें 480 नए मरीज थे। वर्ष-2020 में यह संख्या 6857 पर पहुंच गई, इस साल 2318 नए कैंसर के मरीज रिपोर्ट हुए थे। चिकित्सकों के अनुसार खानपान, ध्रूमपान आदि कैंसर के कारण हो सकते हैं।