नैनीताल। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में दाखिले के आंकड़ों की विसंगति ने अब कागजी दावों की जमीनी पड़ताल की राह खोल दी है। आरटीई पोर्टल और शिक्षा विभाग की रिपोर्ट में अंतर मिलने के बाद प्रशासन ने हल्द्वानी क्षेत्र के आठ निजी विद्यालयों में भौतिक सत्यापन कराने का फैसला किया है। अब अभिलेखों में दर्ज 25 फीसदी आरटीई नामांकन और मौके पर मौजूद वास्तविक स्थिति का मिलान होगा।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर एक माह में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। डीएम के निर्देश पर गठित समिति में सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी को अध्यक्ष बनाया गया है। हल्द्वानी के बीईओ और कोषाधिकारी समिति के सदस्य होंगे। समिति वर्ष 2021-22 से हल्द्वानी क्षेत्र के आरटीई पंजीकृत विद्यालयों का निरीक्षण करेगी। इस दौरान विद्यालयों के अभिलेखों की पड़ताल के साथ आरटीई पोर्टल पर दर्ज विद्यार्थियों के आंकड़ों का विभागीय सूचनाओं से मिलान किया जाएगा।
आदेश में आरटीई के निर्धारित 25 फीसदी मानक के सापेक्ष नामांकन में कमी का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में समिति मौके पर पहुंचकर यह जांचेगी कि पोर्टल और विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़े विद्यालयों की वास्तविक स्थिति से कितने मेल खाते हैं। जांच का मकसद पात्र विद्यार्थियों को आरटीई का वास्तविक लाभ दिलाने के साथ आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बनी विसंगति को दूर करना है।
आठ विद्यालयों की होगी पड़ताल
जांच के दायरे में हल्द्वानी क्षेत्र के आठ निजी विद्यालयों को शामिल किया गया है। इनमें आर्यमान विक्रम बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग, व्हाइट हॉल स्कूल लामाचौड़, व्हाइट हॉल स्कूल एक्सटेंशन हल्द्वानी और केवीएम पब्लिक स्कूल हीरानगर शामिल हैं। इनके अलावा यूनिवर्सल कॉन्वेंट स्कूल, इंस्पिरेशन स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल और आनंदा एकेडमी हल्द्वानी में भी आरटीई प्रवेश से जुड़े अभिलेखों और आंकड़ों का सत्यापन किया जाएगा।
समिति को भौतिक निरीक्षण और अभिलेखों के परीक्षण के बाद रिपोर्ट देने के लिए कहा है। समिति को एक माह के भीतर अपनी स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करनी होगी। यह रिपोर्ट अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम आरटीई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उठाया गया है। - ललित मोहन रयाल, डीएम