रामनगर के कोसी बैराज में तैरता हुआ सुर्खाब का जोड़ा।
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रामनगर (नैनीताल)। मई का महीना आरंभ हो चुका है पर शीतकालीन प्रवासी पक्षी सुर्खाब के एक जोड़े ने रामनगर के कोसी बैराज में डेरा डाल रखा है। इसके साथ आए सभी प्रवासी पक्षी अप्रैल के आरंभ में ही वापस लौट चुके हैं। अब तक यहां डेरा डाले सुर्खाब इस जोड़े ने वन्यजीव विशेषज्ञों को हैरत में डाल दिया है।
रामनगर के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि सुर्खाब मई तक दिख रहे हैं। बता दें कि यह पक्षी सेंट्रल एशिया, सिक्किम और लद्दाख से यहां शीतकालीन प्रवास पर आते हैं और मार्च अंतिम या अप्रैल आरंभ में वापस अपने इलाकों को लौट जाते हैं। वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार जो लंबे समय से इनको अपने कैमरे में कैद कर रहे हैं वह बताते हैं कि यह केवल शीतकालीन प्रवास के लिए ही आते हैं और प्रजनन काल (जो कि अप्रैल से जून तक होता है) के लिए वापस लौट जाते हैं। अगर यह जोड़ा यहां प्रजनन करता है तो यह वाकई इनके व्यवहार के विपरीत होगा और पक्षी विशेषज्ञों के लिए शोध का विषय भी है। दीप रजवार बताते हैं कि यह जोड़े में रहते हैं और एक साथी के बीमार या चोटिल होने पर भी उसके साथ ही रहते हैं। संभावना है कि एक साथी बीमार हो या लंबी उड़ान के लायक नहीं हो, इसीलिए यह जोड़ा अभी तक यहां ठहरा हो सकता है। यह बिना रुके लंबी उड़ान भरते हैं। कारण जो भी हो पर मई के महीने में इनका यहां दिखना किसी आश्चर्य से कम नहीं है।
कोट
15 अप्रैल तक कोसी बैराज पर सुर्खाब के 15 जोड़े मौजूद थे। अब धीरे-धीरे सभी सुर्खाब के सभी जोड़े चले गए हैं। एक जोड़ा बचा हुआ है जो शायद अभी उड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ होगा। उम्मीद है कि यह जोड़ा भी चला जाएगा।
- शेखर तिवाड़ी, कोसी रेंजर, रामनगर वन प्रभाग