हल्द्वानी। प्रदेश में 13 जिले हैं, पर आने वाले समय में राज्य में 18 कोड के वाहन नंबर जारी होंगे। परिवहन विभाग ने जिले की जगह एआरटीओ कार्यालय के अनुसार वाहनों के नंबर जारी करने की योजना बनाई है। यह बदलाव हाल में तीन नए एआरटीओ कार्यालय खुलने के बाद किया गया है।
1989 के बाद वाहनों की नंबर प्लेट पर बदलाव किया गया था। वाहनों की जल्द पहचान और धरपकड़ के लिए नंबर प्लेट पर राज्य, जिले और कोड के बाद वाहन नंबर लिखा जाता है, जिस कारण प्रदेश में 13 जिले के कोड वाहनों पर अंकित हो रहे थे। देहरादून का कोड ही ऋषिकेश एआरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रर्ड होने वाले वाहनों पर डाला जाता था, पर अब इसमें बदलाव करने की योजना बनाई गई है। परिवहन विभाग नए खुले काशीपुर, विकास नगर, रुड़की के अलावा पुराने ऋषिकेश और कोटद्वार एआरटीओ कार्यालय के लिए नए कोड जारी करने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के अनुसार इसका प्रस्ताव भी अंदरखाने तैयार हो चुका है। जल्द ही पांच एआरटीओ कार्यालय के लिए नए कोड जारी हो सकते हैं। नई व्यवस्था से वाहनों का डाटा मेंटेनेंस, जांच-पड़ताल बेहतर होने के साथ ही वाहन स्वामियों को भी सुविधा होगी।
- कमरे दो, फाइल साढ़े तीन लाख
हल्द्वानी। काशीपुर एआरटीओ कार्यालय आनन-फानन में खोल दिया गया है, लेकिन व्यवस्था कोई नहीं की गई है। काशीपुर में जो कार्यालय खुला है। उसमें मुख्य रूप से दो कमरे हैं, जिसमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी बैठेंगे। यहां पर रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय से ही केवल लाइसेंस, वाहनों से जुड़ी करीब साढ़े तीन लाख फाइलों को काशीपुर कार्यालय पहुंचाया जाना है, पर यह फाइल कहां रखी जाए, इसे लेकर अधिकारियों में मगजमारी चल रही है।