हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड मरीजों का इलाज होने के कारण आम मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। एसटीएच में 950 ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन से प्रसव हो रहे हैं।
एसटीएच को पिछले वर्ष से कोविड 19 का अस्पताल बना दिया गया था। कोविड नियंत्रित होने के बाद एसटीएच में ओपीडी सितंबर से शुरू कर दी गई थी। धीरे-धीरे करके ऑपरेशन भी सभी विभागों के शुरू हो गए थे। मार्च 2021 के अंतिम सप्ताह से कोविड के केस फिर बढ़ने लगे थे। केस बढ़ने के कारण ओपीडी बंद कर दी गई साथ ही मरीजों के ऑपेरशन, एमआरआई, सिटी स्कैन, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांचें भी बंद हो गईं। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि पूरा अस्पताल कोविड अस्पताल होने के कारण ओपीडी और सर्जरी बंद की गई हैं। जनरल सर्जरी, नेत्र, ईएनटी, आर्थोपेडिक, न्यूरो और प्लास्टिक सर्जरी के 950 ऑपरेशन टाल दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर मरीजों के अलावा कोविड मरीजों का ही एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्सरे और अल्ट्रासाउंड हो रहे हैं।
दूसरी ओर नीलकंठ अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को छोड़कर अन्य सेवाएं मरीजों को नहीं मिल पा रही है। जबकि केएचआरसी में जरूरी आपरेशन तो हो रहे हैं मगर पूर्व गैर जरूरी आपरेशन को टाल दिया गया है। क्योंकि केएचआरसी में भी कोविड मरीज भर्ती हो रहे हैं। सिद्धि विनायक अस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ दूसरे अस्पताल में प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं को बुला रही हैं। कोविड मरीजों के भर्ती होने के कारण ऐसा किया जा रहा है। सेंट्रल हास्पिटल में इमरजेंसी आपरेशन हो रहे हैं। साईं हास्पिटल में भी इमरजेंसी केस लिए जा रहे हैं।विवेकानंद हास्पिटल में अगर न्यूरो के मरीज आ रहे हैं तो उनको मैट्रिक्स हास्पिटल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
सामान्य दिनों में एसटीएच में हो रही थी इतनी जांचें
= खून की जांचें = 500 से 650
= एमआरआई = 30 से 35
= सीटी स्कैन = 50 से 55
= एक्सरे = 300 से 350
= अल्ट्रासाउंड = 45 से 55