हल्द्वानी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों के आदेश के बाद फिर अल्मोड़ा को खराब चावल भेजा जा रहा है। ये सब पूर्ति विभाग के अधिकारियों के सामने हो रहा है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर जब इतने सैंपल फेल हो गए तो खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों ने बचे हुए चावल के अभी तक सैंपल क्यों नहीं लिए। क्यों इस चावल की छटाई नहीं कराई जा रही है।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद संभागीय खाद्य नियंत्रक वीएस धनिक ने जांच कमेटी बनाकर स्टेट पूल के मंडी और कमलुवागांजा गोदाम के सैंपल लिए थे। सैंपल की जांच की गई तो इसमें से 39 सैंपल फेल हो गए। उस समय मंडी और कमलुवागांजा के गोदाम में से आधे से अधिक चावल में दवा लगाकर त्रिपाल से ढका गया था। इस कारण इस चावल के सैंपल नहीं लिए गए।
अधिकारियों की लापरवाही तो देखिए, नियमानुसार जब इतनी भारी मात्रा में सैंपल फेल हो गए तो विभाग ने बाकि बचे चावल के सैंपल भी लेने चाहिए थे। उसकी जांच होने के बाद ही चावल को भेजना चाहिए था। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने ऐसा न करके, फेल हुए चावल के सैंपल में तो रोक लगा दी, लेकिन जिनके सैंपल नहीं लिए गए थे उन्हें अल्मोड़ा को भेजने के आदेश जारी कर दिए। आदेश में इतना जरुर लिखा गया कि खराब चावल अल्मोड़ा नही जाना चाहिए।
शनिवार को अमर उजाला की टीम ने जब कमलुवागांजा गोदाम में अल्मोड़ा को भेजे जाने वाले चावल का जायजा लिया तो चौकाने वाली चीजें सामने आयी। चावल पूर्व में फेल हुए चावल की तरह ही था। चावल में पीलापन, कालापन और टूटा अधिक था। जब अमर उजाला की टीम वहां पहुंची तो देखा कि सभी अधिकारी ऑफिस में बैठे थे और अल्मोड़ा के लिए चावल के कट्टे ट्रक में लादे जा रहे थे। जबकि आदेश में साफ कहा गया है कि चावल को भरते समय जांच कर भेजा जाए। इससे अधिकारियों की लापरवाही साफ नजर आ रही थी।
उपभोक्ताओं को नहीं मिला चावल
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की लापरवाही के कारण एक माह बीतने के बाद भी नैनीताल जिले के कार्डधारकों को चावल को कोटा जारी नहीं हो पाया है। सूत्रों की माने तो विभागीय अधिकारियों को डर है कि जिन चावल का सैंपल नहीं लिया गया वह भी खराब है। ऐसे में कोई भी अधिकारी इसे बांटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। वहीं आलाअधिकारी इस चावल को साफ करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
ऐसा होता है सही चावल
अमर उजाला की खबर प्रकाशित होने के बाद कमलुवागांजा में 11 जुलाई के बाद 2500 क्विंटल चावल खरीदा गया। इस चावल की क्वालिटी बाजार की क्वालिटी के बराबर साफ है। इस चावल में न तो पीलापन, डैमेज है, न ही 25 प्रतिशत से उपर टूटा हुआ चावल। यह चावल की क्वालिटी इतनी अच्छी है कि अगर यह सस्ता गल्ला दुकानों में जाएगा तो उपभोक्ता इसे हाथों हाथ ले लेंगे।
कोट
जो चावल के सैंपल फेल हुए हैं। उसकी आपूर्ति रोक दी गई है। जिनके सैंपल नहीं लिए गए हैं, उस चावल को भेजने के लिए कहा गया है। साथ ये कहा गया है कि चावल भेजते समय चावल की क्वालिटी जांच के ही भेजा जाए। - वीएस धनिक संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं