भीमताल (नैनीताल)। डोब-ल्वेशाल भीमताल के पंप हाउस की सुरक्षा दीवार शनिवार सुबह अचानक भरभराकर गिर गई, इससे पंप हाउस में लगी दो मोटरें जमीन में धंस गई और वहां करंट फैल गया। साथ ही तीन गांवों की पेयजल सप्लाई ठप हो गई। जिस समय यह हादसा हुआ उस समय पंप में दो कर्मचारी मौजूद थे, जिन्होंने सुरक्षा दीवार टूटते ही भागकर जान बचाई और बिजली का मेन स्विच बंद कर जेई को इसकी सूचना दी। जेई ने मौका मुआयना कर वैकल्पिक व्यवस्था कर पेयजल सप्लाई सुचारु कराई।
इस पंप को वर्ष 2014 में जल निगम ने बनाकर जल संस्थान को सौंपा था। बताया गया कि पंप हाउस बनाते समय मानकों को ताख पर रखा गया, इस कारण बनने के पांच साल में ही इसमें खामियां सामने आने लगी हैं। जलसंस्थान के जेई अनिल परिहार ने बताया कि शनिवार सुबह इस पंप की सुरक्षा दीवार भरभराकर गिर गई। इससे वहां मौजूद 75 हार्स पावर की दो मोटरें जमीन में धंस गई और वहां करंट फैल गया। इस दौरान वहां मौजूद पंप हाउस कर्मी रमेश चंद्र और गिरीश भट्ट ने भागकर जान बचाई। जेई ने बताया कि पंप हाउस में दो मोटरों के अलावा 400 एलपीएम (लीटर पर मिनट) के दो पंप लगे हैं, इनमें से एक पहले से खराब है। दूसरा भी शनिवार को बंद हो गया। उन्होंने बताया कि इस पंप से डोब-ल्वेशाल, फरसौली, गोबरियाखान के 600 से अधिक परिवारों को पेयजल सप्लाई की जाती है, लेकिन हादसे के बाद शनिवार सुबह पेयजल सप्लाई ठप रही। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था कर दोपहर में पेयजल सप्लाई सुचारु की गई। पंप हाउस को शीघ्र ही दुरुस्त कर दिया जाएगा। वहीं, पंप कर्मी रमेश चंद्र ने बताया कि दीवार टूटते ही पंप हाउस में करंट की चिंगारियां उठने लगी, इस पर उन्होंने बिजली का मेन स्विच बंद कर दिया। पंप हाउस में 440 वोल्ट की बिजली सप्लाई होती है। उधर, सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार ने पंप हाउस की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। कहा कि विभागीय लापरवाही के चलते सुरक्षा दीवार टूटी और पेयजल सप्लाई बाधित हुई। उन्होंने कहा कि पंप हाउस में बिजली की केबल जगह-जगह खुली होने से दुघर्टनाओं का भी खतरा बना है।
पंप हाउस की टूटी सुरक्षा दीवार, पेयजल सप्लाई ठप
मोटरें जमीन में धंसने के साथ ही फैला करंट
पंप कर्मियों ने भागकर बचाई जान
600 परिवारों को नहीं मिला शनिवार सुबह पानी, दोपहर में जलसंस्थान ने की वैकल्पिक व्यवस्था