नैनीताल। उच्च न्यायालय ने बागेश्वर में ब्लड बैंक और ट्रॉमा सेंटर की स्थापना न करने पर प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से 20 नवंबर को न्यायालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। नागरिक मंच बागेश्वर ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य सुविधाएं बहुत खराब हैं। यहां ट्रॉमा सेंटर स्थापित नहीं हो सका है और ब्लड बैंक जैसी आवश्यक सुविधा भी नहीं है। इस संबंध में सरकार को कई बार प्रत्यावेदन दिए गए हैं, लेकिन कोई कार्यवाही नही की गई। 10 नवंबर 2016 को उच्च न्यायालय ने सरकार को चार सप्ताह के अंदर ब्लड बैंक और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया था। न्यायालय ने इसकी जिम्मेदारी प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को दी थी। इस निर्देश का पालन नहीं हो सका। इस पर याची संगठन ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर वस्तुस्थिति की जानकारी दी। पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।