हल्द्वानी। जिला प्रशासन की ओर से गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर हल्द्वानी के एसडीएम राहुल शाह ने फर्जी तरीके से बनवाए 41 स्थायी निवास प्रमाणपत्रों को निरस्त कर दिया है। हल्द्वानी तहसील क्षेत्र में अभी तक कुल 89 सर्टिफिकेट निरस्त किए चुके हैं लेकिन इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ न तो कोई कार्रवाई हुई है और न ही ऐसे लोगों का चिह्नीकरण किया गया है।
बड़ी संख्या में फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र बने होने की शिकायत मिलने के बाद पिछले दिनों आयुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी तहसील का निरीक्षण किया था। इस दौरान शिकायत सही मिली थी। इस पर शासन ने जिला प्रशासन को पिछले वर्षों के दौरान बनवाए गए स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्रों की जांच के निर्देश दिए थे। डीएम ललित मोहन रयाल ने मामले की जांच के लिए अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की थी। बीते एक दशक में बनाए गए स्थायी निवास प्रमाणपत्र की जांच के पहले चरण में एसडीएम ने 48 ऐसे प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए थे जो गलत दस्तावेजों के आधार पर बनवाए गए थे।
डीएम के निर्देश के बाद हल्द्वानी क्षेत्र में पिछले एक दशक में जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। दूसरे चरण में जांच के लिए गठित समिति की संस्तुतियों के आधार पर 41 स्थायी निवास प्रमाण-पत्र निरस्त कर दिए गए हैं।
- राहुल शाह, एसडीएम
कई और सर्टिफिकेट के फर्जी होने का संदेह
स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्रों की जांच कर रही टीम के अधिकारियों को कई ऐसे प्रमाणपत्र मिले हैं जिनमें लगाए गए दस्तावेज फर्जी है। ऐसे सभी दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। टीम को अंदेशा है कि अभी कई और ऐसे फर्जी प्रमाणपत्र सामने आएंगे जो गलत तरीके से बनवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जारी सभी डोमिसाइल के विवरण का गहन सत्यापन कार्य लगातार चल रहा है ताकि अपात्र और त्रुटिपूर्ण प्रमाणपत्रों पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा सके।