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सीबीएसई के 10 वीं के छात्र अब दो वैकल् पिक विषय ले सकेंगे

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हल्द्वानी। पब्लिक स्कूलों में पढ़ने वाले दसवीं के छात्र अनिवार्य पांच विषयों के साथ अब दो वैकल्पिक विषय भी पढ़ सकेंगे। अगर कोई छात्र मुख्य विषय में से किसी एक विषय में फेल हो जाता है तो उसे छठे विषय के रूप में लिए गए वैकल्पिक विषय के आधार पर कुल प्राप्तांक की गणना की सुविधा मिलेगी। यह विषय एक भाषा से होगा और दूसरा तीन मुख्य विषय (गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान) होंगे। सीबीएसई ने यह नियम 2019 से ही लागू किया है।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से संबद्ध पब्लिक स्कूलों को इस संबंध में सर्कुलर भेजा गया है। नौवीं से ही छात्र दो वैकल्पिक विषय रख सकेंगे। छात्र अभी तक केवल छह विषयों की पढ़ाई करते थे। यानी पांच मुख्य और एक वैकल्पिक विषय होता था। अब पांच मुख्य विषयों के साथ दो वैकल्पिक विषय भी छात्र रख सकते हैं। बोर्ड द्वारा दसवीं के विद्यार्थियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) नया विषय भी लागू किया है। स्किल सब्जेक्ट के तौर पर रिटेल (खुदरा), सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा, ऑटोमोटिव, वित्तीय बाजार, पर्यटन, सौंदर्य एवं वैलनेस, कृषि, खाद्य उत्पादन, बैंकिंग एवं बीमा, मार्केटिंग एवं सेल्स, स्वास्थ्य सेवा, मल्टीस्किल्स फाउंडेशन कोर्स, मीडिया लागू थे, इनमें 17 वां विषय आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) जोड़ा गया है। 11 वीं एवं 12 वीं के छात्रों के लिए बोर्ड ने अब योगा एवं अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन विषय लेने की सुविधा भी दे दी है।


सीबीएसई हाईस्कूल के छात्रों को अब दो वैकल्पिक विषयों की सुविधा
बेस्ट ऑफ फाइव के आधार पर बनेगा रिजल्ट, एआई का नया स्किल विषय जुड़ा
इंटर में योग, अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन नया विषय लागू

वैकल्पिक विषय के तौर पर स्किल और भाषा शामिल
हल्द्वानी। स्कूलों की मानें तो वैकल्पिक विषय के तौर पर स्किल सब्जेक्ट में से किसी एक विषय को छात्र रख सकेंगे। वहीं भाषा के तौर पर कोई भी भाषा रख सकते हैं। वैकल्पिक विषय के तौर पर पहली बार भाषा को जोड़ा गया है।
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ये होगा सिलेबस
मुख्य विषय : भाषा प्रथम (हिंदी या अंग्रेजी)
- भाषा द्वितीय (इसमें हिंदी या अंग्रेजी के साथ क्षेत्रीय भाषा रख सकते हैं।)
- गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान

वैकल्पिक विषय
- स्किल सब्जेक्ट, तीसरी भाषा (स्कूल द्वारा असेसमेंट किया जाएगा), आर्ट एजुकेशन, हेल्थ और फिजिकल एजुकेशन


बोर्ड के नये नियम से छात्रों को मिलेगी राहत
बोर्ड द्वारा लागू नये नियम से छात्रों को काफी राहत मिलेगी। दसवीं में किसी एक विषय में फेल छात्र को कंपार्टमेंट परीक्षा देकर पास करनी होती थी। अब मुख्य विषय में किसी एक में फेल होने पर छठे विषय यानी स्किल विषय के अंकों के आधार पर पास हो जाएंगे। कुल छह विषयों में सर्वाधिक अंकों के पांच विषयों के आधार पर परीक्षा परिणाम तय होगा। -प्रवींद्र कुमार रौतेला, प्रधानाचार्य सिंथिया स्कूल
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