हल्द्वानी। मंच से एकता और आत्ममंथन की बात करने वाले कांग्रेस नेता अंदरखाने एक दूसरे पर वार करने से चूक नहीं रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का अब कहना है कि पार्टी में हर उस व्यक्ति को लिया जाना चाहिए जो भाजपा को उखाड़ फेंकने में साथ खड़ा हो। रावत कोई भी फैसला सबकी सहमति से लेने की बात भी कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा का मुकाबला करने के बजाय कांग्रेस अपनी ही धड़ेबंदी में उलझी दिख रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश की जोड़ी को लेकर भी छह दिन पूर्व हेम आर्या की ज्वाइनिंग के दौरान स्वराज आश्रम में कहा गया था कि लोगों के पेट में दर्द हो रहा है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और पूर्व सीएम हरीश रावत की भी जुगलबंदी है। इसके साथ ही बड़े नेताओं के आशीर्वाद के चलते कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों के सुर भी बगावती हैं। अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि हेम आर्या को लेकर जो विवाद उठा है उससे सबक लेने की जरूरत है। किसी को भी पार्टी में शामिल करने से पहले स्थानीय स्तर पर सहमति जरूरी है। सहमति न बनने की स्थिति में 2022 में फिर झगड़े खड़े होंगे। पार्टी में हर उस व्यक्ति को साथ लेना चाहिए जो भाजपा को उखाड़ फेंकने में साथ खड़ा हो। यह साफ किया कि 2019 के चुनावी समर के लिए तैयार हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जहां से आदेश देंगे वहां से चुनाव लड़ेंगे।
अब हरीश रावत बोलेे- भाजपा को उखाड़ फेंकने वाले हर व्यक्ति को पार्टी में लेने के पक्ष में
नैनीताल के उठे विवाद से लें सबक, स्थानीय सहमति हर हाल में आवश्यक
सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कांग्रेस को प्रदेश में मजबूत करने के मिशन में लगा हूं। किसी के चुनाव लड़ने न लड़ने का निर्णय आलाकमान करेगा। लड़ने और टिकट मांगने के लिए सब स्वतंत्र है। आलाकमान जिसको टिकट देगा कांग्रेस मिलकर उसको लड़ाएगी। पार्टी में जो भी लोग आए हैं उन्होंने राहुल गांधी में आस्था जताई और उनके नेतृत्व में काम करने की बात कही है। किसी की कोई शर्त स्वीकार नहीं की गई है। पद देने और टिकट देने का आश्वासन किसी को नहीं दिया है।
- प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष