हल्द्वानी। नगर निगम का विज्ञापन का ठेका भारी भरकम राशि में छूटा। दो साल में विज्ञापन से नगर निगम को 4.90 करोड़ रुपये मिलेंगे। पिछले दो सालों में विज्ञापन से निगम को मात्र 35 लाख रुपये की ही आय हुई थी।
नगर निगम क्षेत्र में होर्डिंग, यूनिपोल और पोल क्योस की निविदा खोली गई। ये निविदा दो साल के लिए मांगी गई थी। मंगलवार को तीन बजे नगर निगम सभागार में निविदा कमेटी के सामने निविदा खोली गई। इस निविदा में हल्द्वानी, देहरादून और गाजियाबाद की कंपनी ने निविदा डाली थी। सबसे पहले निगम की 195 स्ट्रीट लाइट पोलों में पोल क्योस लगाने की निविदा खोली गई। इस निविदा में सबसे अधिक 35.19 लाख प्रति वर्ष की बोली एडोम मीडिया प्रा. लि. देहरादून की रही। इसे पोल क्योस का ठेका दो साल के लिए दे दिया गया।
यूनिपोल और होर्डिंग लगाने की निविदा दो भाग के लिए आमंत्रित की गई थी। तिकोनिया से काठगोदाम तक का ठेका मिडास प्रा. लि. गाजियाबाद के नाम 1.18 करोड़ में छूटा। तिकोनिया से मंडी तक में यूनिपोल और होर्डिंग लगाने का ठेका भी मिडास प्रा. लि. के नाम 91.36 लाख प्रति वर्ष में छूटा।
इस दौरान मेयर जोगेंद्र रौतेला, नगर आयुक्त चंद्र सिंह मर्तोलिया, प्रभारी सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान, टैक्स निरीक्षक भरत त्रिपाठी, पूजा, बबीता सहित लोनिवि के एई आदि अधिकारी मौजूद रहे।
पुरानी कंपनी को होर्डिंग्स और यूनिपोल हटाने का नोटिस
निविदा खुलने के बाद नगर आयुक्त ने शहर से यूनिपोल और होर्डिंग हटाने के लिए पुरानी कंपनी को तीन दिन का समय दिया है। साथ ही प्रभारी सहायक नगर आयुक्त को तीन दिन बाद होर्डिंग और यूनिपोल नहीं हटाने पर इन्हें जब्त करने के आदेश दिए हैं।
तीन कोरे टेंडर डाले
कुछ शरारती ठेकेदारों ने तीन निविदा बिना नाम के लिफाफों की डाल दी। लिफाफा खोलने के दौरान इनसे सफेद कागज निकले। मेयर ने नगर आयुक्त से सीसीटीवी की जांच कर टेंडर प्रक्रिया का मजाक बनाने वाले ठेकेदार का चिन्हीकरण कर उसे काली सूची में डालने के निर्देश दिए।
कर निरीक्षक का सुझाव आया काम
कर निरीक्षक भरत त्रिपाठी ने विज्ञापन से आय बढ़ाने को लेकर सुझाव दिया था। नगर आयुक्त ने उनका सुझाव मानते हुए नगर निगम को तीन भाग में बांटकर इसकी निविदा आमंत्रित की। इसी की बदौलत निगम की आमदनी में इस बार 4.90 करोड़ बढ़ गई।
पिछले दो सालों में मात्र विज्ञापन से 35 लाख रुपये मिले थे। पहली बार नगर निगम को विज्ञापन से 4.90 करोड़ की आय हुई है। यह पैसा निगम के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। जल्द ही नगर निगम की तहबाजारी से आय बढ़ाई जाएगी।
जोगेंद्र रौतेला, मेयर, नगर निगम