हल्द्वानी। कुमाऊं के एक और शहीद चंदर सिंह को राष्ट्रपति ने वीरता के लिए शौर्य पदक देने की घोषणा की है। नायक चंदर पिछले साल जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए शहीद हो गए थे।
पिथौरागढ़ जिले के पाली पाकू के मूल निवासी चंदर सिंह 29 जून 1995 को सेना में भर्ती हुए थे। कुछ दिनों तक कुमाऊं रेजीमेंट में काम करने के बाद उनका तबादला राष्ट्रीय रायफल्स में हो गया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर (रि.) बीएस रौतेला ने बताया कि कश्मीर में आतंकियों से लड़ते हुए 25 नवंबर 2016 को नायक चंदर सिंह मानस बल में शहीद हो गए थे। सेना के अधिकारियों ने समीक्षा के बाद उन्हें पदक देने का अनुरोध किया था। इसी आधार पर राष्ट्रपति ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्हें वीरता का शौर्य चक्र देने की घोषणा की। शहीद की पत्नी चंद्रकला सिंह की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी पांचवीं और छोटी पहली में पढ़ती है। बेटियों की पढ़ाई के लिए चंद्रकला हल्द्वानी के कठघरिया में किराए का कमरा लेकर रह रही हैं। उन्होंने पिथौरागढ़ से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के बाद हल्द्वानी कार्यालय में पेंशन के लिए पंजीयन कराया है। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी के चंद्रकला को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी काम के लिए दौड़ना नहीं पड़ेगा। विभाग पूरी तरह से मदद करेगा। शहीद के पिता हर्ष सिंह कार्की और मां कौशिल्या गांव में ही रहते हैं