रानीखेत (अल्मोड़ा)। लगता है प्रशासन और विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। क्षेत्र में कई स्थानों पर सूखे पेड़ हादसों का सबब बने हुए हैं। भूस्खलन के चलते कई पेड़ों की जड़ें खोखली हो चुकी हैं, लेकिन इनका निस्तारण आज तक नहीं किया गया है। रानीखेत-हल्द्वानी स्टेट हाइवे पर एनसीसी मैदान के तीव्र मोड़ के ऊपर भारी भरकम चीड़ का पेड़ हादसे को दावत दे रहा है।
इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन दौड़ते हैं। भूस्खलन के चलते चीड़ का पेड़ कभी गिर सकता है। इस पेड़ की जड़ें पूरी तरह से मिट्टी छोड़ चुकी हैं। आए दिन इस मार्ग से जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी होकर गुजरते हैं, लेकिन इस खतरनाक पेड़ को अनदेखा किया जा रहा है। इस स्थान पर कई अन्य पेड़ भी गिरताऊ हालत में हैं।
यदि कभी पेड़ गिर गया तो इससे बड़ा नुकसान होने की आशंका है। इधर, रानीखेत नगर में भी कई जगह चीड़ के सूखे भारी भरकम पेड़ गिरने की हालत में हैं, लेकिन इनकी भी सुध नहीं ली जा रही है। जबकि पूर्व में स्थानीय नागरिक इन पेड़ों के निस्तारण की मांग कर चुके हैं। पूर्व में मालरोड सहित कई स्थानों पर चीड़ के सूखे पेड़ गिर जाने के कारण नुकसान हो चुका है। लोगों ने सूखे पेड़ों के तत्काल निस्तारण कराने की मांग उठाई है।