अब काला फीता बांधकर प्रदर्शन करेंगे बीएड छात्र-छात्राएं
स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम को राज्यपोषित करने की मांग
पिछले तीनों दिनों से चल रहा है धरना, कक्षाओं का भी कर चुके बहिष्कार
रानीखेत (अल्मोड़ा)। बीएड छात्र-छात्राओं का आंदोलन तेज होने लगा है। स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम को राज्य पोषित करने की मांग पूरी नहीं होने से गुस्साए छात्र-छात्राओं ने अब काला फीता बांधकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। एकसूत्री मांग को लेकर पीजी कालेज के बीएड छात्र-छात्राएं पिछले तीन दिनों से आंदोलनरत हैं।
स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम को राज्य पोषित करने की एक सूत्रीय मांग को लेकर स्थानीय पीजी कालेज के बीएड छात्र-छात्राओं का सांकेतिक धरना जारी है। सुबह कालेज परिसर में धरना दिया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कहा कि पिछले तीन दिनों से धरना चल रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन की कानों में जूं तक नहीं रेंग रही। कहा कि प्रदेश के कई महाविद्यालयों में नौ सालों से स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। पूर्व में यह पाठ्यक्रम एक वर्ष का था, अब इसे द्विवर्षीय कर दिया गया है। इस कोर्स के लिए 70 हजार रुपये की फीस और अन्य खर्चे अलग से वहन करने पड़ रहे हैं, जबकि राज्य पोषित महाविद्यालयों में यह कोर्स मात्र 12 हजार रुपये में हो रहा है। इसीलिए 17 महाविद्यालयों में संचालित स्व वित्त पोषित पाठ्यक्रमों को राज्य पोषित करने की मांग की जा रही है। इसके लिए लगातार धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कहा कि आंदोलन के दूसरे चरण में अब काला फीता बांधकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस अवसर पर अजय फुलारा, मुकेश,ललित मोहन, पूजा,पूजा आर्या, चेतना, भावना, ललित कांडपाल, शिवालिका नेगी, हेमंत अधिकारी, नेहा हरिप्रिया, हिमानी जोशी, मनोज नेगी आदि मौजूद थे।
फोटो: 24 आरकेटी 01पी: पीजी कालेज परिसर में धरने के दौरान नारेबाजी करते बीएड छात्र-छात्राएं।