नैनीताल में कुमाऊं विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग और पीजी कॉलेज रुद्रपुर की ओर से जलवायु परिवर्तन पर दो दिनी अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला शुक्रवार को संपन्न हो गई। कार्यशाला के दूसरे दिन ग्रामीण तथा सरकारी विभागों के अधिकारियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में ग्रामीणों ने खेती में आने वाली समस्याएं भी रखी। उनका कहना था कि वर्षा का क्रम बिगड़ने के कारण कृषि प्रभावित हो रही है। सब्जी और फलों में रोग लगना, तापमान में लगातार वृद्धि से समस्याएं बढ़ना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन का उचित मूल्य नहीं मिलना तथा तकनीकी ज्ञान के अभाव के चलते अधिकांश क्षेत्रों में तेजी से पलायन हो रहा है।
वक्ताओं ने ग्रामीण अंचलों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए समन्वय के साथ काम पर जोर दिया। उन्होेंन सरकारी बीज विपणन केंद्र, मृदा लैब बनाए जाने, सरकार की ओर से जैविक खाद को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। जिला उद्यान अधिकारी भावना जोशी, बीडीओ रामगढ़ चंदाराज, बीडीओ भीमताल तारा ह्यांकी, जल संस्थान के ईई संतोष उपाध्याय आदि ने भी विचार रखे। कार्यक्रम संयोजक प्रो. पीसी तिवारी ने कहा कि कार्यशाला में सामने आए तथ्यों की रिपोर्ट तैयार कर शासन के समक्ष पेश की जाएगी। इस मौके पर चिया निदेशक डॉ. पंकज तिवारी, डॉ. नाथन फोर्सिथ, डॉ. भगवती जोशी, डॉ. बद्रीश मेहता, डॉ. एमसी पांडे, प्रो. अनीता पांडे, डॉ. मंजू पांडेे, धीरज पंत, मोहन सम्मल, केवलानंद, पूजा नैनवाल, विनीता जोशी, ममता नेगी, कृतिका बोरा आदि थे।