हल्द्वानी। उच्चशिक्षा निदेशालय में चल रही स्थानांतरण प्रक्रिया में खामियों को शासन ने गंभीरता से लेते हुए निदेशक से बिंदुवार जवाब तलब किया है। इसके साथ ही निदेशालय भवन हैंडओवर न होने, इसमें लापरवाही बरतने को लेकर भी निदेशक से स्पष्टीकरण मांगा है। इन दोनों मामलों को लेकर शासन द्वारा 10 जून को देहरादून में बैठक भी बुलाई गई है। शासन द्वारा निदेशक से जवाब मांगे जाने से शुक्रवार को निदेशालय में खलबली मची रही।
गोलापार स्थित नवनिर्मित भवन में उच्चशिक्षा निदेशालय वर्ष 2015 में शिफ्ट हो गया था लेकिन निदेशालय भवन हैंडओवर नहीं हो सका। इतना ही नहीं निदेशालय परिसर की भूमि शासन की बिना अनुमति के बीएसएनएल को देने के मामले का खुलासा अमर उजाला द्वारा किया गया। निदेशालय में वार्षिक स्थानांतरण प्रक्रिया चल रही है, इसमें भी कई स्तर पर की जा रहीं खामियों को अमर उजाला ने लगातार उजागर किया है। कुछ प्राध्यापकों ने प्रदेश की ए क्लास सिटी नैनीताल को दुर्गम में दर्शाकर स्थानांतरण से बचने की कोशिश की गई। स्थानांतरण प्रक्रिया में खामियों को लेकर प्रकाशित खबरों का शासन ने संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। शासन में सचिव (उच्चशिक्षा) अशोक कुमार ने बताया कि प्रभारी निदेशक से इन मामलों में स्पष्टीकरण मांगा गया है। देहरादून में 10 जून को विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में बैठक भी होगी।
स्थानांतरण प्रक्रिया में खामियों पर शासन गंभीर, निदेशक से जवाब तलब
उच्चशिक्षा निदेशालय भवन हैंडओवर न होने के मामले को भी शासन ने गंभीर माना
शासन की जांच पड़ताल से निदेशालय में खलबली
निदेशालय भवन हैंडओवर न होना गंभीर लापरवाही, जांच होगी
हल्द्वानी। उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उच्चशिक्षा निदेशालय भवन हैंडओवर नहीं हुआ है, इसकी जानकारी अमर उजाला से मिलने पर हैरत हुई है। बिना हैंडओवर के भवन में निदेशालय दफ्तर शिफ्ट होने, पांच वर्ष तक इस ओर कोई ध्यान न देना गंभीर लापरवाही दर्शाता है। इस प्रकरण की जांच कराने को सचिव को निर्देशित किया गया है। स्थानांतरण प्रक्रिया में खामियों का मामला भी गंभीर है। प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का सेवा इतिहास अपलोड करने एवं सुगम-दुर्गम का अनुचित ढंग से लाभ दिलाने का प्रकरण भी जानकारी में आया है। पहाड़ जाने से बचने के लिए कथित मेडिकल लगाने की बात सामने आई है। इस स्थिति को देखते हुए 10 जून को निदेशक को स्थानांतरण संबंधी सभी फाइलों को लेकर देहरादून बुलाया गया है। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी पकड़े जाने पर संबंधित पक्षों पर कार्रवाई होगी।