नैनीताल। हाईकोर्ट ने रामनगर के कई रिजार्ट मालिकों की पुनर्विचार याचिका को सुनने से मना कर दिया है। कोर्ट ने ऐसी सभी याचिकाओं को अतिक्रमण पर आदेश पारित करने वाली पीठ को ही भेज दिया है। साथ ही कोर्ट के निर्देश पर याचिकाकर्ता ने 14 अन्य रिजार्ट मालिकों को भी पक्षकार बना दिया है। अब कोर्ट दो हफ्ते बाद याचिका पर सुनवाई करेगी।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष मयंक मैनाली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कहा था कि कार्बेट पार्क के आसपास सरकारी, नजूल एवं वन भूमि पर कब्जा कर रिजार्टों का निर्माण किया है। कोसी नदी को भी दूषित किया जा रहा है। कोर्ट ने पूर्व में मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी थी।
मुख्य सचिव की रिपोर्ट में 14 रसूखदारों का जिक्र नहीं था और 44 अतिक्रमणकारियों के नाम रिपोर्ट में शामिल किए। हाईकोर्ट की ओर से गठित कमेटी ने 14 अन्य लोगों ने भी अतिक्रमण किये जाने की बात कही थी। इसके बाद कोर्ट ने सभी को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए थे।
हाईकोर्ट ने अतिक्रमण पर आदेश पारित करने वाली पीठ को भेजी याचिकाएं