हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) के दो विभाग अकसर विवादों के कारण चर्चा में रहते हैं। एक विभाग के विभागाध्यक्ष पर टेक्नीशियन ने उत्पीड़न समेत कई आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में शिकायत कर दी। प्रधानमंत्री कार्यालय से जांच आने पर राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जांच पूरी कर रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा निदेशक को भेज दी गई है।
दो विभागों के विभागाध्यक्षों की कार्यशैली के चलते ही कई डॉक्टर अस्पताल छोड़कर जा चुके हैं। अब एक नया मामला सामने आया है। एक टेक्नीशियन ने प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजे गए शिकायती पत्र में मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही वेतन विसंगति, फोन पर धमकी देने, फोन पर गंदे मैसेज करने, अश्लील बातें करने समेत अन्य आरोप लगाए थे। ड्यूटी में इधर-उधर भेजने की बात भी कही गई। फोन टेप करने की बात कही थी। प्रधानमंत्री कार्यालय से मामले की जांच कराने के आदेश दिए थे। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक कार्यालय से मामले की जांच कराने को कहा गया। जीएमसी के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। जांच समिति ने धमकाने, फोन टेप कराने के मामले में साइबर क्राइम का मामला बताते हुए पुलिस, प्रशासन से संपर्क करने को कहा गया। प्राचार्य डॉ. भैसोड़ा ने बताया कि अन्य बिंदुओं की जांच कर रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा निदेशक को भेज दी गई है। बताया कि टेक्नीशियन किसी भी तरह के मैसेज नहीं दिखा पाया था।
पीएमओ कार्यालय से आई थी जांच, एक विभागाध्यक्ष पर लगाया था उत्पीड़न का आरोप
चिकित्सा-शिक्षा निदेशक को भेजी गई जांच, दो ही विभाग रहते हैं विवादों में