नैनीताल। अवमानना नोटिस पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार के जवाब से संतुष्ट न होने पर हाईकोर्ट ने तीन मई तक मुख्य सचिव से दोबारा जवाब देने को कहा है।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। ऊधमसिंह नगर की किसान चावल मिल , डीएन एग्रो, अमन एग्रो , सोना एग्रो और गुरु कृपा चावल मिल आदि ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर कहा है कि हाईकोर्ट ने पूर्व में सरकार को मंडी विकास शुल्क का पैसा मिलों को वापस करने और याचिकाकर्ताओं के प्रत्यावेदन को तीन माह के भीतर निस्तारित करने का आदेश दिया था।
कोर्ट ने कहा था कि सरकार इसके लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन करे, जिसमें मुख्य सचिव, वित्त सचिव और न्याय सचिव होंगे। सरकार ने कमेटी गठित नहीं की। उत्तराखंड एपीएमसी अधिनियम में मंडी विकास शुल्क जमा करने के प्रावधान को सुप्रीम कोर्ट ने हटा दिया था। इसी प्रावधान के आधार पर समस्त चावल मिलों से मंडी विकास शुल्क लिया जाता था।