नैनीताल। हाइकोर्ट ने बेस अस्पताल अल्मोड़ा में डायलिसिस मशीन के उपयोग नहीं होने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सात माह के भीतर डाइलिसिस सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अल्मोड़ा निवासी नवाज खान ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि अल्मोड़ा बेस अस्पताल में डायलिसिस मशीन 6 अगस्त 2006 में खरीदी गई थी, तब से आज तक इसका उपयोग नहीं हो रहा है। 1.10 करोड़ लागत की मशीन जनता के काम नहीं आ रही है। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल के पहाड़ी इलाके और चमोली जिले के बीच में स्थित है। इन क्षेत्रों के मरीजों को मशीन का उपयोग होने पर यह सुविधा मिल सकती है, लेकिन स्वास्थ्य महकमा व सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही। सरकार की ओर से कहा गया कि अल्मोड़ा बेस चिकित्सालय में डायलिसिस सुविधा के लिए जरूरी स्टाफ की तैनाती करने में प्रयासरत है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाइकोर्ट की खंडपीठ ने सात माह के भीतर डायलिसिस सुविधा प्रारंभ करने के निर्देश दिए।