नैनीताल। हाईकोर्ट ने 10 सप्ताह के भीतर मृतक आश्रित के कोटे में याचिकाकर्ता को नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मृतक राजकुमार सिंह की पत्नी मुनेश (ग्राम कगवली, जिला हरिद्वार) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसका पति 18 अगस्त 1994 में अंशकालिक नलकूप चालक के पद पर नियुक्त हुआ था। 3 मार्च 1998 के शासनादेश के तहत उसे नियमित वेतनमान दिया गया। सेवाकाल के दौरान 11 जुलाई 2004 को उसकी मृत्यु हो गई।
याचिकाकर्ता ने 19 अगस्त 2004 को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने के लिए प्रार्थना पत्र दिया जिसे 6 अक्टूबर 2008 को यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि अंशकालिक नलकूप चालक मृतक आश्रित सेवा नियमावली 1974 के अंतर्गत नहीं आते हैं।