नैनीताल। उच्च न्यायालय ने पौड़ी गढ़वाल निवासी तिष्टलता गुसांई की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के बाद अंतरिम आदेश पारित कर प्राथमिक सहायक भर्ती प्रक्रिया में याची को शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। याची का कहना था कि उसने राष्ट्रीय दृष्टि बाधित प्रशिक्षण संस्थान देहरादून से विशेष शिक्षा में दो वर्षीय डिप्लोमा के साथ अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। याचिका में कहा गया कि जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक पौड़ी गढ़वाल ने सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया जारी करने के लिए विज्ञापन जारी किया जिसमें केवल उन अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया है जिन्होंने संबंधित जिले के जिला प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) से डीएलएड और अध्यापक पात्रता परीक्षा पास की हो। याची ने विज्ञपान की इस शर्त को चुनौती दी है। याची का कहना था कि उनके द्वारा प्राप्त डिप्लोमा एनसीईटी की ओर से मान्यता प्राप्त है जिसे भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। पक्षों की सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक पौड़ी गढ़वाल को आदेश दिया है कि वे याची को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करें।