सितारगंज। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी को परीक्षा के सात दिन बाद लिखित परीक्षा का कॉल लेटर प्राप्त हुआ, जिससे अभ्यर्थी में डाक विभाग के खिलाफ रोष है। अभ्यर्थियों ने डाक विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत तमाम उच्चाधिकारियों से मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।
- अभ्यर्थियों ने डाक विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
- चीफ पोस्टमास्टर जनरल से की कार्रवाई की मांग
लौका गांव निवासी मनोज कुमार व सतेंद्र कुमार ने चीफ पोस्ट मास्टर जनरल को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि बीती 25 जून को नैनीताल जनपद के भवाली में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में नौकरी के लिए लिखित परीक्षा होनी थी, जिसकी वह एक साल से तैयारी कर रहा था। डाक विभाग के माध्यम से प्रवेश पत्र उनके बताए पते पर आना था, लेकिन परीक्षा के सात दिन बाद एक जुलाई को एक ग्रामीण ने प्रवेश पत्र उसके पास पहुंचाया। उनका कहना है कि प्रवेश पत्र पहुंचाने का काम डाक विभाग को होता है। डाक विभाग की लापरवाही के कारण वह परीक्षा नहीं दे सका।
वहीं, सतेंद्र कुमार का कहना है कि रेलवे सुरक्षा बल के लिए 15 फरवरी 2015 को (बंगलूरू कर्नाटक) में लिखित परीक्षा होनी थी, लेकिन उन्हें परीक्षा के तीन दिन बाद प्रवेश पत्र मिला। उस दौरान शिकायत करने पर चीफ पोस्ट मास्टर जनरल उदई कृष्ण ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि डाक विभाग के इस तरह लापरवाही करने से शिक्षित युवा बेरोजगारों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने डाक विभाग के लापरवाह अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।