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आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक से होगा कपकोट का कचरा निस्तारण

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कपकोट। कूड़े की बदबू व धुंए से परेशान कपकोट नगर पंचायत के लोगों के लिए अच्छी व राहत भरी खबर है। नगर पंचायत ने कपकोट में कूड़े की समस्या से निबटने के लिए कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए 21 नाली भूमि भी अधिगृहीत कर ली गई है।
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कपकोट नगर पंचायत के लिए ठोस अपशिष्ट पदार्थों का प्रबंधन कराना एक बड़ी चुनौती थी। अब तक नगर पंचायत का कूड़ा शामा बैंड में सड़क किनारे बने मैदान में फेंका जाता था। नगर पंचायत क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे भी कूड़े के ढेरों की शिकायतें होती थी। नागरिकों की परेशानी के बाद प्रशासन भी कूड़े के निस्तारण के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पा रही थी। लेकिन, अब स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नगर पंचायत ने ठोस निर्णय लिया है। इसके तहत कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जा रहा है। प्लांट की स्थापना के लिए नगर पंचायत ने करीब 21 नाली जमीन भी बैनामा करा ली है।

नपं अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने बताया कि कचरा प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक पर आधारित कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित किया जाना है। इसमें कई तरह की आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इसके लिए नगर पंचायत द्वारा बागेश्वर शामा तेजम मोटर मार्ग के किमी 26 के पास 21 नाली जमीन की खरीद भी कर ली गई है। कूड़ा निस्तारण प्लांट तैयार होने के बाद नगर में खुले में फेंके जा रहे और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेरों से भी जनता को मुक्ति मिल सकेगी। नगर का पूरा कचरा इसी प्लांट में एकत्रित किया जाएगा।
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कचरा बनेगा आय का जरिया
कपकोट नगर पंचायत ने कूड़े को आय का जरिया बनाने का निर्णय लिया है। एक करोड़ की लागत से बनने वाले इस अत्याधुनिक कूड़ा निस्तारण केंद्र के डीपीआर को शासन से अनुमति मिल चुकी है। जिसके लिए 82 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इसी प्रक्रिया के तहत मार्च 2019 में अधिशासी अधिकारी द्वारा 5.5 लाख का डंपिंग ग्राउंड में गाड़ियों के जाने के लिए सड़क और 12.5 लाख का 90 मीटर लंबे चौड़े डंपिंग ग्राउंड की चहारदीवारी का टेंडर हो चुका है। जिसमें कार्य प्रगति में है।

ठेकेदारों को समयावधि में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लगभग 35 लाख रुपये की लागत से कूड़ा निस्तारण हेतु आधुनिक मशीनें मंगाई जानी हैं जिनकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसके लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित कई मशीनें लगेंगी। यहां लगने वाले कूड़ा निस्तारण संयंत्र उत्तराखंड के महानगरों में भी उपलब्ध नहीं हैं। जिसके जरिए कचरे के निस्तारण के बाद कुछ नहीं बचेगा। नपं ने कूड़े से आय करने का भी तरीका ढूंढा है। ब्यूरो
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