हल्द्वानी। उत्तराखंड परिवहन निगम की कार्यशैली भी गजब की है। यहां बाबू से लेकर अधिकारियों तक को यह पता नहीं कि किस कार्मिक को कब सेवानिवृत्त होना है।
इसी का फायदा उठाते हुए काठगोदाम डिपो में कार्यरत एक बुकिंग क्लर्क सेवानिवृत्ति की तिथि के बाद भी साढ़े चार साल से अधिक समय तक अपने पद पर बना रहा और वेतन लेता रहा।
मामला पकड़ में आने के बाद से निगम के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। इधर, निगम की महाप्रबंधक (प्रशासन) ने इसे गंभीर लापरवाही करार देते हुए दोषी कर्मचारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विशन सिंह बिष्ट काठगोदाम डिपो में बुकिंग क्लर्क के रूप में तैनात थे। डिपो के मंडलीय प्रबंधक (संचालन) के अभिलेखों में बिष्ट की जन्म तिथि 01 जनवरी 1953 दर्ज थी। इसके अनुसार बिष्ट को 31 दिसंबर 2012 को सेवानिवृत्त हो जाना चाहिए था। लेकिन बिष्ट सेवानिवृत्ति की तिथि के बाद भी पिछले साल 30 सितंबर तक बतौर बुकिंग क्लर्क कार्य करते रहे और हर माह निगम से वेतन लेते रहे।
कुछ समय पहले इस मामले के निगम के आला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो अधिकारी भी हैरान रह गए।
उत्तराखंड परिवहन निगम मुख्यालय देहरादून की महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव ने इसे गंभीरता से लेते हुए लापरवाही करार दिया है। उन्होंने समस्त मंडलीय प्रबंधकों, उप महाप्रबंधक और समस्त सहायक महाप्रबंधकों को पत्र भेजकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ उत्तर दायित्व निर्धारित कर दोषी कर्मी के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सभी कार्मियों के सेवा अभिलेखों का परीक्षण कर रिपोर्ट मांगी
हल्द्वानी। सेवानिवृत्त होने के बाद भी पद पर बने रहकर वेतन लेने का मामला संज्ञान में आने के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम की महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव ने समस्त कर्मियों से सेवा अभिलेखों का परीक्षण कर 15 अप्रैल तक रिपोर्ट तलब की है। निगम के सभी मंडलीय प्रबंधकों, उप महाप्रबंधक व समस्त सहायक महाप्रबंधकों को भेजे पत्र में महाप्रबंधक (प्रशासन) ने कहा है कि वह अपने अधीन कार्यरत सभी कर्मियों के सेवा अभिलेखों का नियुक्ति के समय प्रस्तुत जन्म तिथि प्रमाणपत्र से मिलान कर रिपोर्ट दें।
परिवहन निगम की महाप्रबंधक (प्रशासन) ने दिए कार्रवाई के निर्देश