हल्द्वानी। चूड़ी, काजल, बिंदिया, शृंगार बढ़ाएगा पति की जेब का भार। जीएसटी लागू होने के बाद सौंदर्य प्रसाधनों की कर की दरों में वृद्धि होने से कीमतों में उछाल आया है, जिससे करवा चौथ की साज सज्जा महंगी हो गई है।
आठ अक्तूबर को करवाचौथ का त्योहार मनाया जाएगा। बाजार पूरी तरह से सौंदर्य प्रसाधन के सामान से पट गया है। इधर, इस साल जीएसटी लागू होने के बाद शृंगार की वस्तुओं की कीमतों में इजाफा हुआ है। सरस बाजार स्थित चूड़ियों के शोरूम के मालिक सलीम अहमद ने बताया कि जीएसटी में चूड़ी, बिंदिया पर कर तो नहीं लगाया गया है, लेकिन चूड़ी बनने वाले सभी सामान जैसे- कांच, रासायनिक तत्व, रंग पर पांच से 28 फीसदी तक कर बढ़ाया गया है। इससे इनके दामों में खुद बढ़ोतरी हो गई है।
जीएसटी लागू होने के बाद कीमतों में आया उछाल
वस्तु पुराने दाम नए दाम
प्लेन चूड़ी 15 रुपये प्रति दर्जन 20 रुपये प्रति दर्जन
फैंसी चूड़ी 50 से 100 रुपये प्रति दर्जन 65 से 130 रुपये प्रति दर्जन
चूड़ा 500 से 600 800 से एक हजार
फैंसी कड़े 200 रुपये प्रति दर्जन 250 रुपये प्रति दर्जन
मैटल चूड़ी 30 रुपये प्रति दर्जन 50 रुपये प्रति दर्जन
काजल लोकल 10 से 40 रुपये 20 से 60 रुपये
लिपस्टिक 45 रुपये 55-60 रुपये
नामी गिरामी कंपनियों ने दाम नहीं बढ़ाया, माल घटाया
सौंदर्य प्रसाधन की नामी गिरामी कंपनियों ने जीएसटी लागू होने के बाद कर की दर 28 प्रतिशत पहुंचने पर बेशक उत्पादों जैसे- फेसवॉश, स्क्रब, क्रीम, लिपस्टिक, काजल, नेलपेंट के दाम तो नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन इनकी मात्रा एक से दो मिली तक घटा दी है ताकि प्रतिस्पर्धा के दौर में ग्राहक न टूटे।
पिया के नाम की मेहंदी भी हुई महंगी
करवा चौथ पर मेहंदी भी महंगे दामों में लगानी पड़ेगी। आम दिनों में मेहंदी लगाने वाले हथेली के 50, कलाई से ऊपर तक 100, कोहनी तक के 300-400 रुपये लेते हैं। जबकि करवाचौथ आते ही इन्होंने भी दाम बढ़ा दिए हैं। अब हथेली के 100, कलाई से ऊपर 200-250, कोहनी तक के 500 से 800 रुपये प्रति हाथ तक लिए जाएंगे। हालांकि यह मेहंदी के डिजाइन पर भी निर्भर करता है।