हल्द्वानी। भोलानाथ गार्डन निवासी गीता सक्सेना पेस मेकर लगाने के लिए दिल्ली रवाना हो गई है। गीता के सहयोग के लिए कई संस्थाओं और लोगों ने हाथ बढ़ाया है। अभी गीता को और अधिक आर्थिक मदद की दरकार है।
गीता सक्सेना को दिल की बीमारी है। गीता के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। उनके पति टीबी रोग से पीड़ित हैं। वह बिस्तर से नहीं उठ पाते हैं। गीता के दो बच्चे हैं। उनका लड़का मानसिक रूप से कमजोर है। वहीं, लड़की एक दुकान में काम करके कम ही कमा पाती है। गीता लोगों के घर में काम करके घर का खर्च उठाती थी। स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह अब काम भी नहीं कर पा रही है। डॉक्टरों की रिपोर्ट के अनुसार पेस मेकर नहीं लगाया गया तो गीता का बचना मुश्किल है। दिल्ली के डाक्टरों के मुताबिक गीता को पेस मेकर के लिए दो लाख की जरूरत है।
अमर उजाला ने 31 जुलाई के अंक में इसके लिए खबर प्रकाशित की थी और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से प्राथमिक इलाज के लिए 10 हजार रुपये का चेक भी दिया गया था। रेखा शर्मा, हेमंत गौनिया सहित कई लोग गीता की मदद के लिए आगे आए हैं। उधर, स्टेट बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी शंकर दत्त तिवारी निवासी बरेली रोड ने पांच हजार रुपये का चेक गीता को दिया है। गीता को इसके बाद भी 62 हजार रुपये ही मिल पाए हैं। उन्हें अभी भी इलाज के लिए 1.38 लाख की जरूरत है। गीता ने लोगों से आर्थिक मदद मांगी है। गीता की पड़ोसन रेखा शर्मा अब शुक्रवार रात को गीता को लेकर दिल्ली रवाना हो चुकी हैं, जहां उसका इलाज द हाट सेंटर, लाजपत राय नगर में किया जा रहा है। गीता को पहले सफदरजंग और जीबी पंत में भी दिखाया गया। रेखा शर्मा के मुताबिक इन दोनों अस्पतालों ने पेस मेकर लगाने के लिए साढे़ तीन लाख रुपये का खर्च बताया था। हार्ट सेंटर में कुल खर्च एक लाख दस हजार बताया गया है।