कॉर्बेट नेशनल पार्क बारिश के दिनों में बंद कर दिया जाता है।
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हल्द्वानी उत्तराखंड और यूपी के वन कर्मी महीने में कम से कम एक बार संयुक्त गश्त करेंगे। लैंसडाउन और कॉर्बेट पार्क की सीमा से सटे राजस्व क्षेत्र हैं, वहां भी गश्त करने के साथ मुखबिरी तंत्र को और सक्रिय जाएगा। यह फैसला अमानगढ़ टाइगर रिजर्व (यूपी) के वन विश्राम भवन में दोनों राज्यों के वनाधिकारियों के मध्य हुई बैठक में लिया गया है।
बैठक में दोनों राज्यों के वनाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल करने और नये माध्यम के इस्तेमाल पर भी सहमति बनी है। बैठक में मानसून सीजन (बरसात में वन मार्ग बंद हो जाते हैं, तो शिकारी सक्रिय हो जाते हैं) के समय सुरक्षा को बेहतर करने को लेकर भी बातचीत हुई है। संवेदनशील स्थानों को लेकर दोनों तरफ से विशेष सतर्कता बरतने का फैसला किया गया। मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामलों में मुआवजे को लेकर भी बातचीत हुई। तय हुआ कि दोनों राज्यों के वनाधिकारियों की अगली बैठक कालागढ़ (कॉर्बेट पार्क) में की जाए। बैठक में यूपी के प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव पवन कुमार, उत्तराखंड के अपर प्रमुख वन संरक्षक धनंजय मोहन, पश्चिमी वृत्त के वन संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल, डीएफओ नीतिशमणि त्रिपाठी, डीके सिंह आदि थे।
दोनो राज्यों की संयुक्त टीम महीने में कम से कम एक बार करेगी गश्त
अमानगढ़ में दोनों राज्यों के वनाधिकारियों की हुई अहम बैठक
शिकारियों, तस्करों को पकड़ने को बनी रणनीति