उत्तराखंड हाईकोर्ट में बुधवार का दिन उत्तराखंड की राजनीति के लिए बेहद अहम है। बुधवार को राज्य की राजनीति को प्रभावित करने वाला फैसला आना है।
निर्णय जो भी हो, इसे लेकर राज्य के नेताओं, अफसरों, अधिवक्ताओं सहित आम जनता में भी भारी उत्सुकता है। प्रदेश ही नहीं बल्कि देश भर की निगाहें इस फैसले की ओर लगी हैं। प्रदेश में 18 मार्च से उपजे राजनीतिक हालातों तथा परिस्थितियों में राष्ट्रपति शासन की वैधता के मामले में यह निर्णय एक नजीर बनना तय है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न जगहों से मीडियाकर्मी यहां पहुंचने लगे हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष राज्य में अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति
शासन गलत तरीके से लगाने और राज्य वित्त विधेयक पास होने के बावजूद सरकार निरस्त कर केंद्रीय वित्त विधेयक लागू
करने को लेकर अंतिम बहस होनी तय हुई है।