एमडीडीए द्वारा आईएसबीटी के समीप बनाएं गए फ्लैट के दरवाजे नही होते है बंद
- फोटो : amar ujala
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की खास आईएसबीटी एक्सटेंशन हाउसिंग योजना अब ग्राहकों के लिए टेंशन साबित हो रही है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने प्राधिकरण पर भरोसा करके पैसा इनवेस्ट किया लेकिन जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक है।
प्राधिकरण ने फ्लैट्स पर कब्जा तो दे दिया लेकिन न तो वहां पानी की व्यवस्था है, न बिजली की। फिनिशिंग के नाम पर भी प्राधिकरण ने केवल खानापूर्ति की है। एमडीडीए ने आईएसबीटी एक्सटेंशन योजना के तहत एचआईजी, एमआईजी और ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स बनाए।
फ्लैट्स पर कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू
इन फ्लैट्स पर कब्जा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इंजीनियर्स एनक्लेव निवासी मदन मोहन गुप्ता ने भी एमआईजी फ्लैट लिया। उन्हें फरवरी 2016 में कब्जा लेने का पत्र भेजा गया।
उन्होंने कब्जा ले लिया लेकिन जब फ्लैट खोला तो उनके होश उड़ गए। जिस फ्लैट में अभी उन्होंने गृह प्रवेश तक नहीं किया, वहां के दरवाजे बाहर की ओर मुड़ गए हैं।
टाइल्स सही तरीके से नहीं लगी हुई है। टॉयलेट सीट बेहद गंदी है। मुख्य दरवाजे पर अंदर की ओर कुंडी तक नहीं लगाई गई। बाहर की ओर एल्युमीनियम की कुंडी तो लगाई गई लेकिन चोरों के लिए इसे तोड़ना बेहद आसान है।
फ्लैट्स के नाम पर किया धोखा, उपभोक्ता करेंगे शिकायत
फ्लैट की खिड़कियों की जाली टूटी और शीशे नहीं
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फ्लैट्स की पार्किंग में कॉलम के बीच बेहद कम जगह है। पार्किंग का प्लान ऐसा है कि एक गाड़ी के पीछे दूसरी गाड़ी खड़ी हो गई तो निकल नहीं पाएगी।
मदन मोहन गुप्ता ने बताया कि इतना महंगा फ्लैट लेने के बावजूद वह पानी, बिजली एवं रिपेयरिंग के लिए भटक रहे हैं। पानी के लिए जल संस्थान ने जुलाई में कनेक्शन देने को कहा है।
फ्लैट नहीं रहने लायक
जिन लोगों ने लोन पर यह फ्लैट्स लिए हैं तो कब्जा लेते ही उनकी लोन की किश्त तो शुरू हो गई है लेकिन फ्लैट आज तक रहने लायक नहीं हैं।
मदनमोहन गुप्ता सहित कई ऐसे असंतुष्ट ग्राहक अब एमडीडीए के खिलाफ उपभोक्ता फोरम जाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने माल की गुणवत्ता की जांच की मांग भी उठाई।
पानी के कनेक्शन के लिए जल संस्थान और जल निगम से बात हो गई है। सभी के प्रार्थना-पत्र लिए जा रहे हैं। जल संस्थान को मौके पर कैंप करने के लिए भी कहा गया है। रही बात गुणवत्ता की तो आप खुद ही जाकर चेक कर लो, हमने गुणवत्ता को सबसे ऊपर रखा है। ग्राहकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- पीसी दुमका, सचिव एमडीडीए