अब यातायात पुलिस के साथ युवा ‘ट्रैफिक फ्रेंड’ के रूप में शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारते हुए नजर आएंगे। पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई ड्रेस और आईडी कार्ड को धारण कर यह युवा पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए यातायात व्यवस्था बनाने में मदद करेंगे। वे लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करेंगे। साथ ही नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों का पुलिस का ट्रैफिक एप के माध्यम से चालान भी करवाएंगे।
जिला यातायात पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था सुधारने और मदद के लिए स्वेच्छा से निशुल्क रूप से कार्य करने वाले युवकों से आवेदन मांगे गए थे। कोटद्वार क्षेत्र के युवक-युवतियों ने निशुल्क रूप से ‘ट्रैफिक फ्रेंड’ बनकर पुलिस की यातायात व्यवस्था बनाने में मदद करने की हामी भरी है। दो दिन की ट्रेनिंग के बाद शीघ्र युवक-युवतियां कोटद्वार के अलावा जिले के सभी मुख्य थाना क्षेत्रों के भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई टी-शर्ट और कैप में नजर आएंगे। संवाद
यह होंगे ट्रैफिक फ्रेंड युवाओं के कार्य
ट्रैफिक फ्रेंड यातायात पुलिस की जाम खुलवाने में मदद करेंगे। रेड लाइट पर लोगों को निर्धारित स्थान पर रोकने और बांई ओर मुड़ने वाले वाहनों के लिए रास्ता बनाने, नो पार्किंग में लगने वाले वाहनों को रोकने, लोगों केे यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए जागरूक करने, नो पार्किंग पर खड़े वाहनों का, बिना हेलमेट और बिना मास्क के लोगों का पुलिस का ट्रैफिक आई ऐप के माध्यम से चालान करवाने का कार्य करेंगे।
अभी कुछ युवक-युवतियों ने निशुल्क ट्रैफिक फ्रेंड के रूप में कार्य करने की हामी भरी है। उनको दो दिन की ट्रेनिंग देने के बाद पीक आवर और वीकेंड पर उनकी सेवाएं ली जाएंगी। पहले उनको पुलिस की ओर से ड्रेस और कुछ महीने के बाद आईडी कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। - विभव सैनी, सीओ ऑपरेशन कोटद्वार ।