केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला और हाईवे पर सांकेतिक जाम लगाते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर सेना भर्ती की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
शुक्रवार को यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता झंडाचौक स्थित हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ स्टेशन रोड, लालबत्ती चौक, नजीबाबाद रोड, बदरीनाथ रोड, तहसील तक जुलूस निकाला। इसके बाद झंडाचौक पहुंचकर हाईवे पर सांकेतिक जाम किया और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि युवा तीन वर्षों से देश सेवा की भावना लिए भर्ती की तैयारी कर रहे थे, लेकिन सरकार ने अग्निपथ योजना शुरू कर युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना युवा विरोधी के साथ राष्ट्रहित में नहीं है। युवाओं को चार साल के बाद सेना से सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। ऐसे में चार साल के बाद ओवर एज हो चुके युवाओं का क्या होगा। ग्रेच्युटी और पेंशन का इस योजना में कोई प्राविधान नहीं है। डिफेंस विशेषज्ञों ने भी मेहमान सैनिकों के भरोसे जंग जीतने को नामुमकिन बताया है, इस योजना के तहत सैनिकों को प्रशिक्षण के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा, जो कि देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर सेना भर्ती की पुरानी प्रक्रिया को लागू करने की मांग की। इस अवसर पर यूथ कांग्रेस के कोटद्वार विधानसभा अध्यक्ष विजय रावत, हिमांशु बहुखंडी, आकाश नेगी, सागर रावत, रोशन नेगी, अंकित डुकलान, आशीष द्विवेदी, शेखर राणा, आशीष व्यास और विवेक कठैत आदि मौजूद थे।
अग्निपथ योजना युवाओं के लिए रहेगी लाभकारी : बिपिन कैंथोला
कोटद्वार। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बिपिन कैंथोला ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना युवाओं के लिए लाभकारी साबित होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना से देश की सेना और मजबूत होगी। अग्निपथ योजना से देश के युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा साथ ही हमारी सेनाएं भी और अधिक युवा व सशक्त होंगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जो इसका विरोध कर रहे हैं उनकी सोच युवा विरोधी व रोजगार विरोधी है। आज विपक्ष के पास विरोध के लिए कोई मुद्दे नहीं बचे हैं, जिस कारण वह विरोध कर रही है। संवाद