कण्वघाटी/कोटद्वार। भाबर में कर्मचारी संघर्ष समिति के नेतृत्व में आक्रोशित श्रमिकों और क्षेत्रवासियों ने सिगड्डी ग्रोथ सेंटर के दोनों गेटों पर ताला लगाकर कार्य बहिष्कार किया। उन्होंने प्रशासन को आठ सूत्री मांग पत्र देकर श्रमिकों की समस्याओं का निवारण करने की मांग की। प्रशासन और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी के आश्वासन पर प्रदर्शन स्थगित किया। करीब तीन घंटे चले गतिरोध के बाद ही श्रमिक व अन्य कर्मचारी फैक्टरियों में काम पर लौटे।
शुक्रवार को केएमसी इलेक्ट्रॉनिक्स में हरिद्वार के ठेकेदार और उसके साथियों की ओर से श्रमिकों के साथ की गई अभद्रता और मारपीट से श्रमिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को कर्मचारी संघर्ष समिति के नेतृत्व में आक्रोशित श्रमिकों ने सिगड्डी ग्रोथ सेंटर के दोनों गेटों पर ताला लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने बताया कि सिडकुल स्थित फैक्टरियों में सरकार के मानकों के अनुरूप वेतन नहीं दिया जा रहा है। कहा कि श्रम विभाग की अनदेखी के कारण फैक्टरी संचालक ठेकेदार के माध्यम से श्रमिकों और कर्मचारियों का शोषण कर रहे हैं। कई बार श्रमिकों ने समस्याओं से शासन-प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। श्रमिकों ने सिडकुल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सिडकुल के गेट बंद किए जाने की सूचना मिलते ही तहसीलदार साक्षी उपाध्याय और स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और उनकी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने इस मौके पर उन्हें आठ सूत्री मांगपत्र सौंपा। प्रदर्शन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी ने श्रमिकों से वार्ता कर एक सप्ताह में उनकी समस्याओं के निवारण का आश्वासन दिया। तहसीलदार साक्षी उपाध्याय ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर प्रशासन, फैक्टरी संचालकों, श्रम विभाग, श्रमिकों के प्रतिनिधिमंडल और कर्मचारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के मध्य संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में श्रमिकों के समस्याओं का पूर्ण निवारण किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में सौरभ नौडियाल, रजनीश बेबनी, राजीव डबराल, मनीष आर्य, सूरज मनराल, ओम प्रकाश जोशी, सोनम सैनी और रीना शर्मा आदि शामिल रहे।
श्रमिकों की आठ सूत्री मांगे
1. महिला कर्मचारी पर हमला करने वाले ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई हो।
2. सभी कंपनी सरकारी मानकों के अनुसार वेतन प्रदान करें।
3. सरकारी छुट्टी और रविवार को श्रमिकों से कार्य न कराया जाए।
4. आठ घंटे से अतिरिक्त कार्य करने पर श्रमिकों को ओवर टाइम दिया जाए।
5. सिडकुल क्षेत्र में श्रम विभाग का सहायता केंद्र खोला जाए।
6. श्रमिकों को पीएफ और ईएसआई की सुविधा दी जाए।
7. पांच साल तक कार्य करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
8. श्रम अधिकारी के खिलाफ अनदेखी व लापरवाही बरतने में कार्रवाई हो।