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रॉयल रस्सी धारण कर 173 रिक्रूट बने भारतीय सेना के अभिन्न अंग

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लैंसडौन में आयोजित पासिंग आउट परेड में तिरंगे के सामने शपथ लेते रिक्रूट। - फोटो : KOTDWAR
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गढ़वाल राइफल्स के मुख्यालय लैंसडौन में 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद रॉयल रस्सी धारण करते हुए 173 रिक्रूट भारतीय थल सेना के अभिन्न अंग बन गए। बतौर समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर तपन लाल शाह ने पासिंग आउट परेड की सलामी लेते हुए रिक्रूटों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।
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शनिवार को गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट सेंटर (जीआरआरसी) के परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर तपन लाल शाह ने 173 रिक्रूटों की परेड का निरीक्षण किया और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। रिक्रूटों ने अपने दाहिने कंधे पर साहस की प्रतीक रॉयल रस्सी (लाल रंग की डोरी) धारण की। उन्हें 34 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद राइफलमैन का दर्जा हासिल हुआ। उन्हें विधिवत ढंग से भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय ध्वज टोली के समक्ष रिक्रूटों ने तिरंगे के सम्मान का संकल्प लिया और धर्म पुस्तिका में हाथ में रखकर देश की मर्यादा और हर कीमत पर रक्षा करने का वचन दिया। सलामी मंच के सामने से परेड के गुजरते ही दर्शक दीर्घा में उपस्थित उनके परिजनों ने करतल ध्वनि के साथ सैनिकों का स्वागत किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में ब्रिगेडियर तपन लाल शाह ने रिक्रूटों में जोश भरते हुए कहा कि गढ़वाली सेना के शौर्य के किस्से विश्व पटल पर दर्ज हैं।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सैनिक किए सम्मानित
समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर तपन लाल शाह ने प्रशिक्षण दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जवानों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने राइफलमैन मनीष कुमार गुसाईं को स्वर्ण पदक, राइफलमैन मोहित सिंह को रजत पदक, राइफलमैन नवीन बिष्ट को कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अलावा राइफलमैन सागर पोखरियाल को फिजीकल, राइफलमैन प्रदीप कुमार को ड्रिल और राइफलमैन सिद्धांत सिंह को फायरिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने लिए पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। कोर्स की सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए ‘ग’ कंपनी को चैंपियनशिप बैनर का खिताब दिया गया। यह खिताब ग कंपनी के सूबेदार हरीश सिंह बिष्ट ने समीक्षा अधिकारी के हाथों ग्रहण किया। हवलदार रविंद्र सिंह को उत्तम प्रशिक्षक और सूबेदार हरीश सिंह बिष्ट को सर्वश्रेष्ठ प्लाटून कमांडर का खिताब प्रदान किया गया।
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