लंगूरगाड नदी में मोटर पुुल निर्माण की मांग को लेकर दुगड्डा ब्लाक के चार गांवों के ग्रामीणों ने कोटद्वार में प्रदर्शन किया। उन्होंने तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। उन्होंने एक महीने में पुल निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं होने पर जनांदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत और ब्लाक प्रमुख दुगड्डा रुचि कैंत्यूरा के नेतृत्व में जुआ, पुरानकोट, बंगला और भैड़गांव के लोग हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। उन्होंने हाथ में पोस्टर और बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए बदरीनाथ मार्ग होते हुए तहसील तक जुलूस निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि दुगड्डा से 2.5 किमी. की दूरी पर स्थित जुआ, बंगला, पुरानकोट और भैड़गांव के लिए करीब 20 वर्ष पहले सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन सड़क के बीच में पड़ने वाली लंगूरगाड नदी में पुल नहीं बनाया गया, जिसके कारण यहां से वाहनों को नदी में उतरकर आना-जाना करना पड़ रहा है। बरसात में नदी में उफान आने के कारण क्षेत्र का कोटद्वार से संपर्क टूट जाता है, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कई बार शासन प्रशासन, विधायक और जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की गुहार लगाई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। उन्होंने एक माह में पुल निर्माण को लेकर कार्रवाई नहीं होने पर जनांदोलन करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में जितेंद्र सिंह बिष्ट, सतेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, विनोद सिंह, संदीप सिंह, अनूप सिंह, धर्मवीर सिंह, मंगल सिंह, शाकांबरी देवी, गीता देवी, संगीता देवी, ममता देवी, कांति देवी, अनीता देवी और जगमोहन सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।