यमकेश्वर के बिजनी बड़ी में स्टोन क्रशर की स्वीकृति के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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यमकेश्वर ब्लाक के बिजनी बड़ी में मुराड़ी तोक में स्टोन क्रशर प्लांट की स्वीकृति पर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया और स्टोन क्रेशर के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर राज्य सरकार से उक्त प्लांट की स्वीकृति निरस्त करने की मांग की। स्टोन क्रशर के विरोध में आंदोलन चलाने के लिए ग्रामीणों ने संघर्ष समिति का गठन किया।
शुक्रवार को यमकेश्वर के बड़ी बिजनी समेत आसपास के कई गांवों के लोग बिजनी बड़ी में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलन की अगुवाई कर रहे उदय सिंह गुसाईं और गौरव सिंह ने प्रशासन और राजस्व विभाग पर आरोप लगाया कि आबादी, विद्यालय और मंदिर से सटे क्षेत्र में स्टोन क्रशर लगाने की गलत स्वीकृति प्रदान की गई है। स्टोन क्रशर लगाने के लिए जारी एनओसी समेत स्थानीय प्रशासन के प्रपत्र भी सही नहीं हैं। इससे जहां एक ओर प्रदूषण की समस्या पैदा होगी, वहीं हेंवल समेत गाड गदेरों में अवैध खनन को बढ़ावा मिलेगा। चेतावनी दी गई कि जब तक इसे निरस्त नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन से पूर्व हुई ग्राम बिजनी बड़ी के ग्रामवासियों की बैठक में स्टोन क्रशर का विरोध किया गया। बिजनी बड़ी के वरिष्ठ नागरिक यशवंत सिंह गुसाईं की अध्यक्षता में मां बालकुमारी मंदिर प्रांगण में हुई बैठक में आंदोलन को धार देने के लिए प्रवासी बंधुओं से भी समर्थन की अपील की गई। बैठक में संघर्ष समिति बिजनी बड़ी का गठन करते हुए उदय सिंह गुसाईं को अध्यक्ष, बलवंत सिंह नेगी को उपाध्यक्ष, गौरव सिंह गुसाईं को सचिव, यशवंत गुसाईं को कोषाध्यक्ष बनाया गया। गांव के 19 सदस्यों को कार्यकारिणी में मनोनीत किया गया।