बेस अस्पताल में पहले बनाई गई लिस्ट के आधार पर टीकाकरण नहीं होने पर मंगलवार को लोगों ने बेस अस्पताल के टीकाकरण केंद्र में हंगामा किया। करीब 200 लोग कोविड वैक्सीनेशन सेंटर के अंदर घुस गए और वहां पर मौजूद मेडिकल स्टॉफ व तैनात कर्मचारियों को घेर दिया। एक घंटे तक चले हंगामे के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराकर लोगों को बाहर भेजा।
मंगलवार को टीका लगाने के लिए लोग सुबह पांच बजे से ही बेस अस्पताल के कोविड वैक्सीनेशन सेंटर पहुंचना शुरू हो गए थे। लोग वहां पर तैनात एक कर्मचारी को कागज पर अपना नाम लिखाकर घर चले गए। इसके बाद करीब आठ बजे ये लोग सेंटर पर टीका लगाने के लिए पहुंचे तो अपना नाम सूची से गायब होने पर गुस्सा गए। उन्होंने सुबह की पहली सूची से टीकाकरण करने की मांग की, जिसको लेकर वहां मौजूद कर्मचारियों और लोगों में तीखी बहस हो गई। पहली सूची के अनुसार टीकाकरण की मांग को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इससे बाद भी जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो करीब 200 लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को घेर लिया। करीब एक घंटे तक लोगों ने सेंटर में हंगामा किया तो सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया।
अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी का आरोप
टीकाकरण कराने को अस्पताल पहुंचे सतपाल सिंह असवाल, बृजपाल सिंह, मातवर सिंह, सुशील चंद्र शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कहा कि सुबह पांच बजे ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने प्राथमिकता के आधार पर नंबर लगाने आए लोगों के नामों की सूची बनाई थी। आठ बजे स्टाफ के आने पर वे अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन नंबर नहीं आया। कर्मचारियों ने बताया कि दूसरी सूची बना दी गई है, जिसके अनुसार टीकाकरण हो रहा है और उन्हें घर जाने को कह दिया। उन्होंने पहले वाले सूची के तहत टीकाकरण कराने की मांग की तो वहां पर तैनात एक कर्मचारी ने पहले वाली सूची फाड़ दी। इसकी शिकायत अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक से की गई, लेकिन उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
कोट
लोग सुबह मॉनिंग वॉक पर आकर नाम लिखाकर अपने घर चले जा रहे हैं और आठ बजे आकर हंगामा कर रहे हैं। कर्मचारी ने आठ बजे पहुंचे लोगों की सूची तैयार की थी, जिसके आधार पर टीकाकरण हो रहा था। तभी कई लोग केंद्र के अंदर घुस गए और वहां तैनात कर्मचारियों को घेरकर हंगामा शुरू कर दिया। सोशल डिस्टेंसिंग नहीं होने पर पुलिस को बुलाकर लोगों को बाहर करना पड़ा। - डा. हरेंद्र कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी, कोविड वैक्सीनेशन सेंटर।