कोटद्वार। पत्नी के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के दोषी को दो साल के सश्रम कारावास की सजा हुई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लैंसडौन की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी पति पर 20 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर दोषी को एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। थाना सतपुली क्षेत्र में बीते दिसंबर 2023 में पत्नी के साथ मारपीट पर पुलिस ने पति के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
थाना सतपुली पुलिस को कुकरेती बैंड निवासी भारती देवी ने छह दिसंबर 2023 को एक तहरीर सौंपी थी। तहरीर में उन्होंने बताया था कि पति पांच दिसंबर 2023 को रात करीब 11.30 बजे घर आए। पति शराब के नशे में थे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध पर पति ने गमले से सिर पर जोरदार वार कर दिया। इससे सिर में गंभीर चोट आई। बताया कि किसी तरह सास-ससुर व अन्य परिजनों ने बीच-बचाव किया। घायल होने पर जेठ सतपुली अस्पताल ले गए, जहां उपचार हुआ। भारती देवी ने बताया कि पति कई बार उनसे व सास-ससुर के साथ मारपीट कर चुके हैं। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने आरोपी को छह दिसंबर को गिरफ्तार किया था। वह 16 फरवरी 2024 से जमानत पर रिहा है। पुलिस ने नौ जनवरी 2024 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। नामित सहायक अभियोजन अधिकारी वीरेंद्र रावत ने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी लैंसडौन शालिनी दादर की अदालत ने दोनों पक्षों की बहस, गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सतपुली कुकरेती बैंड निवासी मनोज कुकरेती को पत्नी के साथ मारपीट व जान से मारने की धमकी का दोषी पाया। बताया, अदालत ने दोषी पर दो साल का सश्रम कारावास व 10 हजार का अर्थदंड और जान से मारने की धमकी पर एक साल का सश्रम कारावास व 10 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अधिवक्ता रावत ने बताया कि दोषी द्वारा अर्थदंड जमा नहीं किए जाने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।