गश्ती दलों को एक बाघिन मृत अवस्था में मिली। गश्ती दलों ने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार चिकित्सकों का एक पैनल गठित कर बाघिन के शव का पोस्टमार्टम करवाया।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ रेंज में गश्त कर रहे वन कर्मियों को गश्त के दौरान बाघिन का शव मिला है। वन विभाग के अधिकारियों ने बाघिन के सभी अंगों के सुरक्षित होने का दावा करते हुए बाघिन की मौत को प्राकृतिक बताया है।
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में गश्ती दलों को एक बाघिन मृत अवस्था में मिली। गश्ती दलों ने उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार चिकित्सकों का एक पैनल गठित कर बाघिन के शव का पोस्टमार्टम करवाया। उसके अंग के नमूनों को जांच के लिए बरेली की फॉरेंसिक प्रयोगशाला को भेज दिया है। टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डी. नायक ने बताया कि बाघिन का शव कालागढ़ रेंज के धारा ब्लाॅक की बीट संख्या 12 में मिला था। चिकित्सकों के अनुसार बाघिन की आयु करीब नौ वर्ष थी।
चिकित्सकों के पैनल में टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. दुष्यंत शर्मा एवं हल्द्वानी के पश्चिमी वृत के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल सती शामिल रहे। इस मौके पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डी. नायक, कालागढ़ की उप प्रभागीय वनाधिकारी अधिकारी डाॅ. शालिनी जोशी, प्रशिक्षु वन क्षेत्राधिकारी भारतीय वन सेवा आकाश गंगवार, महेश चंद जोशी, ललित मोहन चौधरी, वजाहत अली व भारतीय राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण के नामित सदस्य कुंदन सिंह खाती, एनजीओ के पदाधिकारी एजी अंसारी और मनोज सती आदि मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति में शव को जलाकर नष्ट कर दिया गया।