कोटद्वार। सनेह क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति यह है कि पिछले दस दिनों से हाथी लगातार काश्तकारों के खेतों में घुसकर उनकी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। रविवार रात को भी हाथियों के झुंड ने काश्तकारों की करीब पांच बीघा गेहूं की फसल रौंद डाली। ग्रामीणाें ने तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को वापस जंगल में खदेड़ने में सफलता पाई। काश्तकारों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने और उन्हें फसलों की क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
रामपुर निवासी मोहन सिंह रावत ने बताया कि रविवार रात छह हाथियों का झुंड उनके खेतों में घुस गया। इस दौरान हाथियों ने उनकी करीब तीन बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल रौंद डाली। साथ ही पशुचारे के लिए उगाई गई बरसीम की फसल भी चट कर दी। इसके बाद झुंड उनके पड़ोसी सुदर्शन प्रसाद कोटनाला के खेतों में घुस गया। यहां भी करीब दो बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल रौंद डाली। उन्होंने बताया कि सुदर्शन कोटनाला ने हाथियों को भगाने का प्रयास किया। इस दौरान हाथियों ने उनका पीछा किया, जिस पर उन्होंने पड़ोस के घर में घुसकर किसी तरह जान बचाई। वहीं, हाथियों ने बालम सिंह पंवार के मुख्य गेट को तीसरी बार क्षतिग्रस्त कर दिया। उन्होंने कनस्तर बजाकर, पटाखे फोड़कर और शोर मचाकर करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को वापस जंगल में खदेड़ने में सफलता पाई। कहा कि पिछले दस दिनों से हाथी उनके खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से हाथियों को आबादी क्षेत्र में रोकने के लिए वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने और उन्हें फसलों की क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
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हाथियों द्वारा रामपुर में काश्तकारों की गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली है। वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। जल्द ही फसल क्षति के मुआवजे के लिए रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
- विपिन चंद्र जोशी, रेंजर कोटद्वार।