कोटद्वार। बीते दो साल से आपदा की चपेट में चल रहे कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर दुगड्डा तक 15 किमी का पैच बरसात में खतरनाक बना हुआ है। बारिश के दौरान यहां पहाड़ी से मलबे के साथ ही पत्थर भी लगातार गिर रहे हैं। मंगलवार दिन में कोटद्वार क्षेत्र में हुई बारिश से सिद्धबली के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे तो लोगों में अफरातफरी मच गई। राहगीरों के साथ ही दोपहिया वाहन सवार किसी तरह इन पत्थरों से बचकर भागे। काफी पत्थर व मलबा आने से करीब 30 मिनट तक हाईवे पर यातायात बाधित हो गया।
कोटद्वार से दुगड्डा की ओर जाने और आने वाले लोगों और वाहन चालकों को सिद्धबली से दुगड्डा तक संभलकर आवाजाही करने की जरूरत है। यहां पर पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुई बारिश से सड़क पर पत्थर आने से करीब 30 मिनट तक आवाजाही ठप हो गई। बारिश के दौरान यहां पहाड़ी से गिरते पत्थरों से लोग जान बचाकर भागते दिखे। प्रत्यक्षदर्शी उमेश कुमार ने बताया कि कोटद्वार दुगड्डा हाईवे बारिश में काफी संवेदनशील हो गया है। जरा सी लापरवाही, हादसे को जन्म दे सकती हैै। उधर, एनएच खंड के अवर अभियंता आशीष सैनी ने बताया कि सूचना मिलते ही मौके पर जेसीबी मशीन भेजकर मलबा और बोल्डर हटाकर यातायात सुचारू कर दिया गया। बताया कि मंगलवार सुबह सिद्धबली मंदिर के पास बारिश होने से सड़क पर मलबा और पत्थर आ गए थे।
पर्वतीय क्षेत्र में 10 सड़कें रहीं बाधित
कोटद्वार। पर्वतीय क्षेत्र में भारी बारिश से दुगड्डा, लैंसडौन, बैजरो और यमकेश्वर में 10 सड़कें बाधित हो गईं। जिससे लोगों को वाहन बदलकर आवाजाही करनी पड़ी। दुगड्डा क्षेत्र में लक्ष्मणझूला-दुगड्डा धुमाकोट मार्ग बाधित रहा। लैंसडौन लोनिवि का जाखणीखाल-अमोला, कंडलसेरा-द्वारी मार्ग, नैनीडांडा शंकरपुर मार्ग, चांई-गिवांली रैतपुर मार्ग, बैजरो में ग्वीन इंटर काॅलेज मार्ग, बसड़ा-बरई-रथुवाढाब मार्ग, बल्ली से मथाणा मार्ग, नौगांव से बुकुंडी मोटर मार्ग बाधित रहे। जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए मीलों पैदल दूरी तय करनी पड़ी।