मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) डॉ. आनंद भारद्वाज ने जीआईसी कोटद्वार स्थित बोर्ड परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया। 25 अप्रैल से प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर चल रहे मूल्यांकन के साथ ही जीआईसी कोटद्वार में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन का कार्य चल रहा है। इस कार्य में लगभग 250 परीक्षक मूल्यांकन का कार्य कर रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान सीईओ डॉ. आनंद भारद्वाज ने उप परीक्षा नियंत्रक जगमोहन सिंह रावत से मूल्यांकन केंद्र की समस्त जानकारी ली। साथ ही बोर्ड द्वारा मूल्यांकन समाप्त किए जाने के अंतिम तिथि 9 मई तक हर हालत में मूल्यांकन कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि इसके लिए अतिरिक्त परीक्षकों की आवश्यकता पड़ती है, तो वैकल्पिक व्यवस्था के तहत स्थानीय विद्यालयों से शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षक के रूप में की जाए। उन्होंने मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अभिषेक शुक्ला, बोर्ड द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक रविंद्र सिंह रावत, प्रशिक्षक डॉ. जितेंद्र नेगी, शीतांशु कुकशाल, जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान, शैलेंद्र कुमार पांथरी, दीपक नौटियाल आदि मौजूद रहे।
शिक्षकों ने सीईओ को बताई समस्याएं
मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) डॉ. आनंद भारद्वाज के कोटद्वार में विभिन्न स्कूलों के भ्रमण के दौरान शिक्षकों के विभिन्न प्रकरणों के संबंध में शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की।
जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने सीईओ को अवगत कराया कि जनपद के सभी शिक्षक पूर्ण मनोयोग के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। कहा कि शिक्षकों के सेवा संबंधी विभिन्न प्रकरण समय पर निस्तारित नहीं होते हैं, जिसके कारण शिक्षकों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कहा कि कई शिक्षक एवं प्रधानाचार्य मार्च माह में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वित्त अधिकारी के पास कोषागार पौड़ी का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण एवं समय अभाव के कारण उनके पेंशन व वित्त से संबंधित अन्य प्रकरणों के निस्तारण अभी तक नहीं हो पाए हैं। प्रतिनिधिमंडल में विजेंद्र सिंह बिष्ट, रतन सिंह, संजय रावत, परितोष रावत, पंकज ध्यानी, मुकेश रावत, रोशन बलूनी, रविंद्र रौतेला, अनूप नेगी, जयकृत नेगी आदि शामिल रहे। संवाद