सरकार की ओर से मलेथा आंदोलनकारियों के ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लेने के बारे में सकारात्मक वार्ता और पेयजल मंत्री के अनुरोध पर समीर रतूड़ी ने 25वें दिन अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है।
इस दौरान मंत्री प्रसाद नैथानी का पत्र राकेश बिष्ट ने उन्हें सौंपा। इसमें प्रमुख सचिव गृह ने मुकदमा वापस लेने की कार्रवाई के बारे में बताया है। शेष मांगों पर भी जल्द ही शासन से वार्ता होगी।
मलेथा में नियम विरुद्ध स्वीकृत स्टोन क्रशरों के विरोध में समीर सहित स्थानीय निवासियों ने वर्ष 2014 और 2015 में आंदोलन किए थे। इस दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों पर मुकदमे कायम किए थे।
समीर की ओर से मुचलका न भरने पर पुलिस ने उन्हें 18 फरवरी को टिहरी जेल भेज दिया था। रतूड़ी अपनी मांगों को लेकर 22 फरवरी से जेल में ही आमरण अनशन पर बैठ गए थे। स्वास्थ्य बिगड़ने पर नौ मार्च को जेल प्रशासन ने उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
स्वास्थ्य में सुधार होने पर 10 मार्च को उन्हें फिर जेल भेज दिया गया। इसी बीच उन्हें निजी मुचलके आधार पर जमानत मिल गई। जेल से छूटने के बाद 11 मार्च से वह मलेथा तिराहा स्थित यात्री शेड मेें अनशन कर रहे थे।