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लाखों यूनिट बिजली लाइन लॉस की भेंट

Thu, 17 Mar 2016 09:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पौड़ी
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ऊर्जा निगम की लाखों यूनिट बिजली को लाइन लॉस की भेंट चढ़ रही है। ऊर्जा निगम इसे कम नहीं कर पा रहा है। गढ़वाल मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में हर माह औसतन 21.22 मिलियन यूनिट बिजली लाइन लॉस में खप रही है।
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लाइनों के जरिये बिजली के पहुंचाने में काफी बिजली खपती है। कई जगहों पर बिजली की चोरी भी होती है। इसे भी लाइन लॉस में जोड़ा जाता है। बिजली की लाइनें और ट्रांसफार्मिशनों के ठीक होने पर किसी भी परिमंडल में बाहर से ली जाने वाली बिजली में से करीब 15 फीसदी बिजली लाइनों में बर्बाद होती है।

गढ़वाल मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में कुछ ऐसी ही स्थितियां बनी हुई है। यहां करीब बीस से तीस फीसदी बिजली लाइनों में खप रही है। लाइन लॉस को कम करने के लिए ऊर्जा निगम पौड़ी समेत कई नगरीय क्षेत्रों में एवी केबिल लाइनें बिछा रहा है।
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श्रीनगर मंडल में 117.17 मिलियन यूनिट का लाइन लॉस
गढ़वाल मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में स्थापित ऊर्जा निगम के दोनों विद्युत वितरण मंडलों में अप्रैल 2015 से दिसंबर 2015 तक के नौ महीनों में 190.98 मिलियन यूनिट बिजली लाइन लॉस के भेंट चढ़ चुकी है।

इसमें विद्युत वितरण मंडल श्रीनगर में 117.17 मिलियन यूनिट और विद्युत वितरण मंडल टिहरी में 73.81 मिलियन यूनिट बिजली शामिल हैं। इन दोनों मंडलों में अप्रैल 2015 से दिसंबर 2015 तक 805.53 मिलियन यूनिट बिजली बाहर से ली गई है। इसमें से 615.19 मिलियन यूनिट बिजली उपभोक्ताओं को बेेची गई है।  बाकी 190.98 मिलियन यूनिट बिजली लाइन लॉस में खप रही है।

पर्वतीय जिलों में ज्यादातर बिजली की लाइनें काफी लंबी है। बस स्टेशन और ट्रांसफार्मिशन काफी दूर- दूर है। इससे लाइन लॉस में ज्यादा बिजली खप रही है। पहाड़ में बिजली की चोरी काफी होती है। लाइन लॉस को कम करने लिए प्रयास किए जा रहे हैं। -संजय टम्टा मुख्य अभियंता गढ़वाल जोन ऊर्जा निगम देहरादून
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