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नगर निगम में हुई धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली पहुंची पुलिस

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नगर निगम कोटद्वार के खाते से फर्जी चेक बुक और हस्ताक्षरों से 21.33 रुपये निकालने के मामले में कोतवाली पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने दिल्ली में डेरा डाल दिया है। पुलिस बैंक की सेंट्रल क्लीयरेंस सर्विस ब्रांच दिल्ली के अधिकारियों से पूछताछ कर अपराधियों तक पहुंचेगी। धोखाधड़ी के हाईप्रोफाइल इस मामले के तार दिल्ली, बिहार और झारखंड तक जुड़े हैं।
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नगर निगम के बैंक खाते से लाखों की धोखाधड़ी के मामले को जल्द सुलझाने के लिए पौड़ी पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। स्थानीय बैंक अधिकारी और नगर निगम कर्मियों से पूछताछ के बाद पुलिस टीम में साइबर क्राइम यूनिट भी तेजी से जांच आगे बढ़ा रही है। अपर पुलिस अधीक्षक मनीषा जोशी ने बताया कि नगर निगम से कई अहम जानकारी पुलिस टीम को मिली है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं नगर आयुक्त पीएल शाह ने बताया कि बैंक खातों से संबंधित चेकों की क्लीयरिंग दिल्ली स्थित सर्विस ब्रांच से हुई है। स्थानीय बैैंक से इस बारे में जानकारी प्राप्त की गई है।
कब क्या हुआ
तीन अगस्त को नगर आयुक्त पीएल शाह की ओर से कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया गया, जिसमें नगर निगम के बैंक खाते से 25 जून से 27 जुलाई के बीच किसी ने नगर पालिका के जमाने में जारी चेक बुकों की सीरीज के फर्जी चेक हासिल कर 26 चेकों के माध्यम से 21 लाख 32 हजार 600 रुपये की धनराशि दिल्ली की विभिन्न बैंक शाखाओं से निकालने की जानकारी दी गई। नगर आयुक्त पीएल शाह का कहना है कि तत्कालीन नगर पालिका के समय में वर्ष 1979 में बैंक ऑफ इंडिया में नगर पालिका के नाम से एक खाता खोला गया। 23 अगस्त, 2005 को नगर पालिका और 3 फरवरी, 2018 को नगर निगम के नाम इस खाते से दो चेकबुक जारी की गई, जिनकी नगर निगम प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं थी। लेकिन 25 जून से 27 जुलाई के बीच इन चेक बुकों की सीरीज वाले फर्जी चेक बुक से पैसा निकल गया।
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